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आवासीय लीज पर क्लीनिक खोला तो लगेगी 5% पेनाल्टी

शहर की तिली, मकरोनिया, गोपालगंज, रजाखेड़ी आदि स्थित कॉलोनियों में अब आवासीय लीज पर क्लीनिक खोलने पर मिलने वाली 25...

Danik Bhaskar | May 12, 2018, 05:25 AM IST
शहर की तिली, मकरोनिया, गोपालगंज, रजाखेड़ी आदि स्थित कॉलोनियों में अब आवासीय लीज पर क्लीनिक खोलने पर मिलने वाली 25 फीसदी छूट को सरकार ने खत्म कर दिया है। अब यदि कोई आवासीय लीज पर क्लीनिक खोलता है, तो 5 फीसदी पैनाल्टी लगाई जाएगी। हालांकि सिलाई-कढ़ाई केंद्र चलाने पर छूट को यथावत रखा गया है। इसके साथ ही भू अधिकार अधिनियम के तहत कोचिंग क्लास चलाने व बुटीक व्यवसाय करने वालों को कमर्शियल कमर्शियल में माना जाएगा।

नए नियमों के तहत पट्टाधारी की मौत होने पर उसके वारिसों के नाम पट्टा करने के लिए दो हजार रुपए देना पड़ेंगे। उधर, पट्टाधारी के जीवित होने की हालत में भी एक-एक वारिस को दो-दो हजार रुपए देना पड़ेंगे। जिला प्रशासन के अफसरों का कहना है कि 2014 में जारी परिपत्र में इस बात का उल्लेख किया गया था कि यदि कोई डॉक्टर आवासीय लीज पर क्लीनिक चलाता है, तो उसे 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। लेकिन नए नियम के तहत अब इसे खत्म कर दिया गया है। इसी तरह दखल-कार अधिनियम के तहत ही यह भी तय कर दिया गया है कि नेशनल हाइवे के किनारे 50 मीटर बाद अब आवासीय पट्टे जारी होंगे। घर बनाए जा सकेंगे। पहले यह सीमा 100 मीटर थी।

चर्चा है कि अब स्थाई पट्टे नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों की सीमा के बाहर ‘ग्रे एरिया’ में भी दिए जा सकेंगे। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी। सरकार नगर निगम की बाहरी सीमा से 16 किमी, नगर पालिका की सीमा से 8 किमी और नगर परिषद की सीमा से 3 किमी तक में 30 साल के लिए जमीन के पट्टे दे सकेगी।