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भास्कर पड़ताल | प्रभावित होने लगी पानी की सप्लाई, पिछले साल पूरे प्रदेश में हुई कम बारिश का असर

मप्र में 164 बड़े बांध, इनमें से ज्यादातर सूखे विशेष संवददाता | भोपाल प्रदेश में इस बार मई-जून में पानी की भारी...

Dainik Bhaskar

May 12, 2018, 05:25 AM IST
भास्कर पड़ताल | प्रभावित होने लगी पानी की सप्लाई, पिछले साल पूरे प्रदेश में हुई कम बारिश का असर
मप्र में 164 बड़े बांध, इनमें से ज्यादातर सूखे

विशेष संवददाता | भोपाल

प्रदेश में इस बार मई-जून में पानी की भारी किल्लत होने के आसार हैं। इसकी मुख्य वजह यह है िक ज्यादातर बड़े डैमों में 25 फीसदी से भी कम पानी बचा है। हालात यह हैं िक कई डैमों में पानी डेड स्टोरेज लेवल तक चला गया है। प्रदेश में 164 बड़े डैम हैं, जिनमें से ज्यादातर डैमों में न के बराबर कम पानी बचा है। इस समय डैमों के पानी का उपयोग सिंचाई के िलए नहीं होता, लिहाजा पीने का पानी सप्लाई करने में भी अगले महीने से परेशानी हो सकती है। दर्जनोंं डैम ऐसे हैं, जो लगभग सूख चुके हैं। यहां शून्य फीसदी लाइव स्टोरेज है। पानी की समस्या को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने एक व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत संबंधित डैमों के अधिकारियों को रोजाना एसएमएस के माध्यम से यह जानकारी विभाग को देना होती है कि डैम में कितने फीसदी पानी बचा है। साथ ही डैम में पानी की वर्तमान िस्थति भी उन्हें देना होती है।

प्रदेश के आधे से ज्यादा बांधों में 25 फीसदी पानी भी नहीं, जून में और बिगड़ेंगे हालात

इतना पानी बचा इन बांधों में

वर्तमान में पानी का लाइव स्टोरेज (प्रतिशत में)

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अफसरों के मुताबिक पिछले साल प्रदेशभर में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई थी। इस कारण डैमों में पहले से ही पानी कम था। ज्यादा गर्मी की वजह से पानी तेजी से भाप बनकर उड़ रहा है। हालात यह हैं कि कई छोटे डैम सूखने की कगार पर हैं। पानी की कमी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले साल अप्रैल में बारना डैम में कुल क्षमता का 30% पानी था, जो इस बार 8% ही बचा है। कोलार डैम में पिछले साल इस समय 33% लाइव स्टोरेज था, जो इस बार मात्र 13% है। तवा डैम में िपछले साल 18% लाइव स्टाेरेज था, जो इस बार 3% ही बचा है।




कलियासोत डैम

अफसर बना रहे हैं प्लान

अफसरों का कहना है कि कोशिश है कि पानी सप्लाई की मात्रा कम कर दी जाए, ताकि आगे लोगों को परेशानी न हो। इसके लिए दो दिन में एक बार पानी सप्लाई करना भी शामिल है।

ऐसे हैं बांधों के हालात

चंबल-बेतवा बेसिन

िस्थति संख्या

10%से कम लाइव स्टोरेज से कम वाले डैम 12

10 से 25 % 13

25 से 50 % 4

50 से 75 % 3

75 से 90 % 1

धसान केन बेसिन

िस्थति संख्या

10%से कम 13

10 से 25% 0

25 से 50% 2

50 से 75% 3

75 से 90% 2

90% से अधिक 4

0% लाइव स्टोरेज वाले डैम: संजय सागर, गुना, उर्मिल डैम, छतरपुर, राजेंद्र सागर डैम, टीकमगढ़, अरणिया बहादुरपुर डैम, उज्जैन, चंद्रशेखर डैम, देवास।

नर्मदा-ताप्ती बेसिन

िस्थति संख्या

10%से कम 17

10 से 25% 6

25 से 50% 5

50 से 75% 1

75 से 90% 3

90%से अधिक 3

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