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ब्रिटिश द्वीप में चूहों के कारण सी बर्ड्स 10 करोड़ से घटकर 10 लाख रह गई थीं, बचाने के लिए सभी चूहे मारे

लंदन| ब्रिटिश ओवरसीज के अटलांटिक सागर का साउथ जॉर्जिया आइलैंड 200 साल में पहली बार चूहा मुक्त हुआ है। साउथ जॉर्जिया...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 14, 2018, 05:30 AM IST

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    लंदन| ब्रिटिश ओवरसीज के अटलांटिक सागर का साउथ जॉर्जिया आइलैंड 200 साल में पहली बार चूहा मुक्त हुआ है। साउथ जॉर्जिया हेरिटेज ट्रस्ट (एसजीएचटी) ने बताया- साउथ जॉर्जिया आइलैंड दुर्लभ फर सील, एलिफेंट सील्स, साउथ जॉर्जिया पिपिट, पेंटेल जैसे सी बर्ड्स का एकमात्र नेचुरल हेबीटेट है। यह आइलैंड 1775 में खोजा गया था। तब से यहां सैलानियों के जहाजों के साथ चूहे भी पहुंचने लगे। उनकी संख्या इतनी बढ़ गई कि वे इन दुर्लभ जीवों के बच्चों, अंंडों को भोजन बनाने लगे। इससे पेंग्विन की संख्या आधी से कम बची थी। सी बर्ड्स तो 10 करोड़ से घटकर 10 लाख ही बचे थे। जैव विविधता पर संकट मंडरा रहा था। इसे बचाने के लिए 2011 में दुनिया का सबसे बड़ा चूहा सफाया अभियान शुरू हुआ। यह सात साल बाद बीते अप्रैल में सभी चूहों के सफाए के साथ खत्म हो गया। इस पर 100 करोड़ रुपए खर्च हुए।

    अभियान चार स्तर पर चलाया गया

    सबसे पहले दुर्लभ जीवों की चूहों से सुरक्षा के लिए हेंडलर्स ने 1608 किमी पैदल चलकर इनर्ट डिवाइस लगाए।

    फिर चूहा मार अभियान शुरू किया गया। चूहों की खोज में टीम को एवरेस्ट से 13 गुना ज्यादा पहाड़ चढ़ने पड़े।

    बड़े क्षेत्र में चूहों को मारने के लिए तीन हेलीकॉप्टर से 300 टन जहरीले दाने फंेके। उनके लिए पिंजरे भी लगाए।

    अंत में छह महीने तक स्निफर डॉग लगाए गए, जो सूंघकर टीम को चूहों तक पहुंचाते थे। जब डॉग्स को चूहे मिलना बंद हो गए तब आईलैंड को चूहा मुक्त माना गया।

    पेंग्विन को बचाने के लिए 7 साल चला दुनिया का सबसे बड़ा चूहामार केंपेन अप्रैल में पूरा

    300 टन दाने डालकर चूहे मारे, द्वीप पर रहने वाली दुनिया की 98% फर सील्स बचाई

    साउथ जॉर्जिया अंटार्कटिक ग्लेशियर क्षेत्र है। यह फर सील, सदर्न एलिफेंट सील्स और पेंग्विन की प्रमुख ब्रीडिंग साइट है। यहां दुनिया की 98% फर सील्स हैं। 3 करोड़ साउथ जॉर्जिया पिपिट, पेंटैल हैं। ये दुनिया की कुल सी बर्ड्स का 81% है। इन्हें देखने के लिए सैलानी आते रहे। उनके साथ जहाज से चूहे भी आइलैंड पहुंच गए। इन चूहों ने सील्स के बच्चों, पक्षियों के अंडो के साथ उनके रहवास भी उजाड़ दिए थे। इससे दुर्लभ जीवों और जैव विविधता संतुलन बिगड़ गया था। अभियान से स्थिति बदली है।

    साउथ जॉर्जिया द्वीप पर हेंडलर्स ने पेंग्विन के ब्रीडिंग एिरया में स्निफर डॉग्स के साथ चूहे खोजे। आईलैंड अप्रैल में चूहामुक्त हो गया।

    तीन हेलिकॉप्टर से 1000 वर्ग किमी क्षेत्र में जहरीले दाने डाले; एक-एक चूहे को डॉग से खोजा

    गैलपागोस: 18 करोड़ चूहे साफ

    चूहों को मारने का इससे पहले सबसे बड़ा अभियान गैलपागोस आइलैंड में 2012 में चलाया गया था। तब जैवविविधता बचाने के लिए 18 करोड़ चूहों को 22 टन जहरीले दाने डालकर मारा गया था। आइसलैंड में वैज्ञानिक चार्ल्स डारविन ने शोध कार्य किया था।

    भारत में चूहों से जुड़े फैक्ट

    भारत में चूहों से हर साल 1 लाख करोड़ का नुकसान

    सच्चाई भारत में पैदा होने वाले कुल अनाज का 5 से 15% तक चूहे बर्बाद कर देते हैं। राइस नॉलेज बैंक के मुताबिक- चूहे 25% चावल बर्बाद करते हैं। देश को चूहों के कारण हर साल करीब एक लाख करोड़ रुपए का नुकसान होता है।

    घोटाला महाराष्ट्र विधानसभा में मार्च में चूहा घोटाला उजागर हुआ था। एक कंपनी को 6 महीने में मंत्रालय के 3,19,400 चूहे मारने का ठेका मिला। पर उसने आश्चर्यजनक ढंग 7 दिन में ही चूहे मार डाले।

    नजीर गुजरात में 1995 में प्लेग के खौफ के बीच इंदौर के तत्कालीन कलेक्टर की पहल के बाद एमवाय अस्पताल में चूहा मारने का अभियान चला था। ये बेहद सफल रहा था। अब तक नजीर है।

    जड़ पर हमला आगरा में चूहों ने 3 मंजिला भवन को खोखला कर दिया था। वो गत अप्रैल में गिर गया।

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