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गर्म मौसम में आशियाना ताजगी और ठंडक का अहसास कराने वाला हो, इसके लिए थोड़ा सा बदलाव ही काफी

गर्मी का मौसम आते ही खास से लेकर आम आदमी तक एक ही कोशिश होती है कि हमारा आशियाना ठंडक और ताजगी का अहसास दिलाने वाला...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 06:05 AM IST
गर्मी का मौसम आते ही खास से लेकर आम आदमी तक एक ही कोशिश होती है कि हमारा आशियाना ठंडक और ताजगी का अहसास दिलाने वाला हो। जहां चैन मिले और सुकून भी हो। हर कोई चाहता है जब वे अपने काम को निपटाने के बाद शाम को थके- हारे घर लौटें, तो ताजगी और ठंडक की अनुभूति हो। जिससे सारी थकान भूल जाएं।

यदि हम अपने घर में ताजगी और ठंडक चाहते हैं तो कुछ आसान से तरीकों को अपनी क्रिएटिविटी में हमें शामिल कर लेना चाहिए। हमारा आशियाना कैसा हो, जिसमें ना तो हमें ज्यादा गर्मी लगे और न ही ठंड। इसका जवाब सहोद्रा राय शासकीय पॉलीटेक्निक काॅलेज के आर्किटेक्चर व इंटीरियर डेकोरेशन विभाग के विषय विशेषज्ञों ने दिया है।



गर्मियों को घर को न्यू लुक देने की जरूरत क्यों? इंटीरियर डिजाइन और डेकोरेशन से जुड़े विशेषज्ञों ने दी अपनी राय

ऐसा हो घर का किचन

Ãआर्किटेक्ट आशीष रजक के मुताबिक गर्मी के मौसम में घरों की आंतरिक साज सज्जा में मामूली बदलाव करने से लाभ हमें ही होगा । मसलन अगर किसी कक्ष में कार्पेट बिछा हो हमें तो उसे हटा दें, क्योंकि कार्पेट की तुलना में फर्श अधिक ठंडक देता है। कमरे में भरे सामान को भी कम कर देना चाहिए , ऐसा करने से हमें खुलेपन अहसास होगा। गर्मियों में पर्दों और कुशन कवर के लिए फ्लोरल प्रिंट्स का इस्तेमाल करना चाहिए। ताजगी भरे लुक के लिए ताजे महकते वाले फूलों को ही फूलदान और छोटे गमलों में लगाना चाहिए। घर के भीतर इनडोर पौधे लगाएं और उन पर हर रोज पानी स्प्रे करें, इससे हमें गर्मी का कम अहसास होगा। संध्या काल में घर की खिड़कियां खोल देना चाहिए ताकि ताजी हवा अंदर प्रवेश करें ।

आर्किटेक्चर एवं इंटीरियर डिजाइनर लोकेश कोरी का कहना है कि गर्मियों में किचन में ग्रीनिश-यलो या ग्रीन कलर की क्रॉकरी का इस्तेमाल करना चाहिए। किचन में कौच के पॉट, गिलास में नींबू और पोदीने की ताजी पत्तियां भरें। किचन में सामान रखने के लिए फ्लॉवर स्टोरेज कंटेनर्स का उपयोग किया जा सकता है। बागवानी का शौक रखने वाले किचिन गॉर्डन बना सकते हैं । किचिन गार्डनिंग से हमें ताजी सब्जियां तो मिलेंगी ही साथ ही वहां ठंडक रहेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे अंदर सकारात्मक बदलाव आएंगे। इससे तनाव, डिप्रेशन और कई बीमारियों से भी हम अपना बचाव कर सकेंगे।

Ãइंटीरियर विशेषज्ञ मुकेश शंखवार, आकांक्षा, रूपाली ने बताया कि गर्मियों में बिजली कटौती भी बहुत होती है। एेसे में घर की बॉलकनी में परिवार के सदस्य समय व्यतीत करते हैं । बॉलकनी में हरे पर्दों का इस्तेमाल किया जा सकता। इन पर्दों से हवा आर-पार होती ही है साथ ही हरा रंग ठंडक का एहसास भी कराता है। साथ ही इनसे तेज धूप से भी बचाव होगा और रोशनी भी पर्याप्त मिलेगी । वनस्पती विज्ञानियों का मानना है कि हरियाली हमें ताजगी देती है इस कारण बॉलकनी को हरा-भरा बनाना बहुत जरूरी है।

सुखद होता है बदलाव का अहसास

कॉलेज के प्राचार्य डॉ वाय पी सिंह ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में आने वाली हवाएं सोमाली से होते हुए अफ्रीका के भूमध्य रेखा से 9 डिग्री उत्तर तक प्रवाह करती हुई श्रीलंका से गुजरती है। फिर अरब सागर से 10 से 15 उत्तरी अक्षांश से भारत में प्रवेश करती हैं । इन हवाओं के साथ अक्सर धूल भरी ऑधी भी चलती है। ऐसे में गर्मियों में घर को ताजगी भरा न्यू लुक देने की जरूरत सबसे अधिक होती। घर में लाइट शेड्स जैसे पीच, यलो, ब्लू कलर, नियॉन के कलर का पेंट भी करवा सकतें हैं । यदि घर में पेंट न भी करवाना हो तो नियॉन शेड में बेडशीट, पिलो कवर, पर्दे आदि का उपयोग किया जा सकता है । पिंक, इलेक्ट्रिक ब्लू, ऑरेंज, येलो-ग्रीन शेड की पेंटिग भी घर में लगाई जा सकती है।