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न्याय की आस में मां के जीवन की टूटी डोर

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 05:35 AM IST

Sagar News - शाहगढ़ | बगराेही गांव की सरोज विश्वकर्मा ने 15 दिन पहले खुद को आग लगा ली थी। वह 15 दिन से जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत...

न्याय की आस में मां के जीवन की टूटी डोर
शाहगढ़ | बगराेही गांव की सरोज विश्वकर्मा ने 15 दिन पहले खुद को आग लगा ली थी। वह 15 दिन से जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थी लेकिन रविवार को उसने दम तोड़ दिया।

गौरतलब है कि सरोज अपने पति कमलेश द्वारा कृषि भूमि के बेचे जाने से बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित थी। वह राजस्व रिकॉर्ड में बच्चों के नाम दर्ज कराने पिछले दो माह से अफसरों के चक्कर लगा रही थी।

परिजनों ने बताया कि घटना वाले दिन भी पति शेष बची कृषि भूमि का बैनामा करने की तैयारी में था इसी मुद्दे को लेकर पति प|ी दोनों में विवाद हो गया था। पुलिस के अनुसार जिला अस्पताल से डायरी प्राप्त होने के उपरांत मृतका के मृत्यु पूर्व बयानों के आधार पर मामले की जांच करेगी।

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