गृहस्थ को अपने घर पर ध्वजा अवश्य लगानी चाहिए : आचार्यश्री

Sagar News - सागर | जैन धर्म का प्रतीक ध्वजा है। ध्वज भूमि में 10 प्रकार के चिन्हों सिंह, गज, गरुड़, वृषभ, मयूर चंद्र आदि की कुल 7 लाख 70...

Oct 12, 2019, 09:01 AM IST
सागर | जैन धर्म का प्रतीक ध्वजा है। ध्वज भूमि में 10 प्रकार के चिन्हों सिंह, गज, गरुड़, वृषभ, मयूर चंद्र आदि की कुल 7 लाख 70 हजार 888 ध्वजाएं होती हैं। प्रत्येक दिशा में ध्वजा शोभित होती है। गृहस्थ को अपने घर पर ध्वजा अवश्य लगानी चाहिए। यह बात आचार्यश्री निर्भय सागर महाराज ने तपोवन तीर्थ में शुक्रवार काे धर्म सभा में कही। उन्होंने कहा कि तपोवन तीर्थ बहेरिया में ध्वज भूमि की पूजा कर ध्वजा चढ़ाई गई। नवोदित तीर्थ तपोवन में आचार्यश्री ने तपोवन तीर्थ के पंचकल्याणक के लिए तीर्थ स्थल के ट्रस्ट कमेटी एवं समस्त जैन समाज सागर से आचार्यश्री विद्यासागर जी के द्वारा पंचकल्याणक कराने एवं निमंत्रण देने का आह्वान किया। मनोज लालो ने बताया कि मुंबई से अाए श्रावक श्रेष्ठी धर्मेंद्र शाह एवं रमेश सिंघई धबोली, डॉ. अशोक राजलक्ष्मी बमोरिया, राजेंद्र जैन चक्रवर्ती, सौधर्म इंद्र अरविंद बंडा, मुकेश ढाना, अशोक शाह मुंबई ने शांतिधारा की। कुबेर सुरेंद्र मालथौन ने सभी श्रद्धालुओं को अंगूठी और र| वितरित किए। विधान समिति के अध्यक्ष नारद बिलानी, महामंत्री सुरेंद्र मालथौन, मंत्री मनोज लालो एवं संरक्षक एवं परम संरक्षक मंडल ने व्यवस्थाएं संभाली। तपोवन ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष पवन जैन ने बताया 13 अक्टूबर को आचार्यश्री विद्यासागर महाराज का जन्म दिवस गुरु गुणगान महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। समोसरण विधान के लिए महिला परिषद की वर्धमान शाखा, चंदा प्रभु शाखा एवं पारसनाथ शाखा द्वारा अष्ट द्रव्य समर्पित की गई।

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