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कांग्रेसी बोले, गाेविंद सिंह बंडा-टीकमगढ़ में कराते हैं अवैध उत्खनन, चहेतों से छीनी जाएं राशन दुकान

एक वर्ष पहले
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बंडा में तरवर सिंह की जीत की क्रेडिट
को लेकर आपस में उलझे कांग्रेसी


सुरखी विधायक गोविंदसिंह राजपूत और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का भाजपा का शामिल होने के बाद स्थानीय कांग्रेसियों में उपजा आक्रोश और प्रबल हो चला है। गोविंद सिंह में अब कई दोष नजर आ रहे हैं। उनके नजदीकी कांग्रेस कार्यकर्ता भी मुखर हो गए हैं। गुरुवार को तीनबत्ती स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में कांग्रेसियों ने जहां सिंधिया को मौका-परस्त और सत्ता का लोभी बताया।

वहीं गोविंदसिंह राजपूत पर बंडा से लेकर टीकमगढ़ तक अवैध उत्खनन कराने के आरोप लगाया। वहीं हीरासिंह राजपूत के इस्तीफे पर कहा कि अब कांग्रेस शुद्ध हो गई। क्योंकि इन दोनों भाइयों ने कांग्रेस को किले में कैद करके रखा था। कभी भी उसका उपयोग भाजपाई नेता भूपेंद्रसिंह, गोपाल भार्गव या बंडा के भाजपाई विधायकों के
खिलाफ नहीं किया। यहां राजपूत बंधुओं पर सबसे ज्यादा तीखे आरोप उन्हीं लोगों ने लगाए जो कभी उनके इर्द-गिर्द दिखाई देते थे।

बैठक में राजकुमार पचौरी, मुन्ना चौबे, सुरेंद्र चौबे, राजेश्वर सेन कमलेश साहू गढाकोटा, सिंन्टू कटारे, पप्पू गुप्ता, डा. महेश तिवारी, श्याम सराफ, आशीष ज्योतिषी, असरफ खान,
देवेन्द्र फुसकेले, शैलेंद्र तोमर,राकेश राय, अवधेश तोमर, रफीक भाई जाहिद ठेकेदार, आनंद तोमर मजीद भाई, जितेन्द्र चावला, चक्रेश सिंघई मौजूद थे।

भाजपा जिलाध्यक्षाें की नियुक्ति टली, सुरखी से कांग्रेस के संभावित दावेदाराें पर चर्चा

सागर| प्रदेश में राजनीतिक उठापटक के बीच सागर समेत अन्य जिलाें में भाजपा जिलाध्यक्षाें की नियुक्तियां टलती दिख रही हैं। वरिष्ठ नेताअाें के अनुसार अब जिलाध्यक्ष की नियुक्ति प्रदेश सरकार के फैसले के बाद ही संभव है। संभाग के सागर, दमाेह व छतरपुर में भाजपा जिलाध्यक्ष की घाेषणा बाकी है। वहीं सुरखी से विधायक गाेविंद राजपूत के इस्तीफे के बाद इस सीट पर उप चुनाव काे लेकर अभी से अटकलें लगने लगी हैं।

कांग्रेस से संभावित दावेदाराें के नामाें काे लेकर चर्चाएं छिड़ गईं हैं। इनमें सुरखी में सक्रिय भाजपा के कुछ वर्तमान नेताअाें में से किसी काे कांग्रेस से टिकट मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी न ताे राजपूत का इस्तीफा स्वीकार हुअा है अाैर न ही यह तय हुअा है कि इस सीट पर उपचुनाव हाेंगे या फिर मध्यावती चुनाव की स्थिति बनेगी। चर्चाअाें में दिग्विजय सिंह के करीबी रहे राजपूत के धुर विराेधी नेताअाें के नामाें काे लेकर राजनीति के जानकार अपने-अपने गणित बैठा रहे हैं। राजपूत के पहले भाजपा की पारुल साहू इस क्षेत्र से विधायक रही हैं।

सरकारी अाॅफिसाें में अब भाजपाई हुए सक्रिय: नगर निगम, नगर पालिका, स्मार्ट सिटी, कलेक्टारेट अाैर अन्य सरकारी अाफिसाें में कांग्रेस सरकार पर अाए संकट अाैर भाजपा की सरकार बनने की संभावाअाें के बीच भाजपा से जुड़े नेता सक्रिय दिखने लगे हैं। वहीं कांग्रेस के नेताअाें की अाॅफिसाें की पहले से कम ही उपस्थिति दिख रही है।

दो पार्टी-दो भाई फार्मूला पर फिसली जुबान, बंडा के कांग्रेसी भड़के

बैठक के दौरान एक कार्यकर्ता ने कहा कि सबसे पहले तो हमें ऐसे कांग्रेसियों को निकाल बाहर कर देना चाहिए। जिनका एक भाई भाजपा की और दूसरा कांग्रेस की राजनीति करता है। चर्चाओं के अनुसार यह इशारा सुनील जैन-शैलेंद्र जैन की जोड़े की तरफ था। लेकिन बैठक में मौजूद कार्यकारी अध्यक्ष अखिलेश मोनी केशरवानी ने इस बात को अपने ऊपर ले लिया और अपने भाषण में कह डाला कि बंडा में तरुवरसिंह की जीत कांग्रेसी अपनी नहीं मानें। वह उनकी व्यक्तिगत जीत है। यह सुनते ही बंडा से आए कांग्रेसी अशोकसिंह छापरी, संतोष सराफ आदि भड़क गए। उन्होंने कहा कि हमारी मेहनत पर सवालिया निशान नहीं लगाया जाए। इसके बाद वे बैठक छोड़ने के लिए उठ गए।

राजपूत परिवार के नजदीकी माने जाने वाले सुरेंद्र सुहाने ने कहा कि गोविंदसिंह राजपूत ने परिवहन मंत्री बनते ही नाकों पर अवैध वसूली की दर प्रति वाहन 500 रु. से बढ़ाकर 1500 रु. कर दी थी। वे पार्टी में भरपूर मलाई खा रहे थे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि राजपूत बंधु अवैध उत्खनन में लिप्त हैं। वीरेंद्र गौर ने कहा कि जो लोग विपक्ष में गए, वे अब हमेशा विपक्ष में ही रहेंगे।

राजपूत को हराने हजारों कांग्रेसी सुरखी जाएंगे, तीन प्रस्ताव पास : अमित दुबे रामजी ने कहा कि सुरखी के उप चुनाव होने दीजिए। सागर से हजारों की संख्या में कांग्रेसी वहां जाएंगे और गोविंदसिंह को हराएंगे। शहर अध्यक्ष रेखा चौधरी ने कहा है कि कांग्रेस हमारे खून में है। बैठक के आखिर में तीन प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें से पहला मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस के एकजुट रखने का, दूसरा राजपूत बंधुओं समेत सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने की निंदा और तीसरा प्रस्ताव केंद्रीय नेतृत्व द्वारा दिग्विजयसिंह को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाने का स्वागत करने से संबंधित था।

तीन बत्ती पर हुई इस बैठक में जिले भर से कार्यकर्ता-पदाधिकारी जुटे। खुद कांग्रेसियो ंने माना कि इतनी संख्या तो हम लोग विस और लोस के चुनाव में नहीं इकट्ठे हुए। फिर इन्हीं कांग्रेसियों ने कहा कि राजपूत बंधुओं के कांग्रेस छोड़ने से अब जिले में नव कांग्रेस का उदय होगा। चूंकि अब ये बड़ा पद खाली है, इसलिए हम लाेगों में से बहुतों की निगाह अब इस पर टिकी हुई है। इधर कांग्रेसियों ने मोतीनगर चौराहे पर सिंधिया का पुतला दहन किया। जिसमें दुर्घटना के दौरान के कांग्रेसी कार्यकर्ता मनोज पवार का पैर झ़ुलस गया। यह अायोजन जिला शहर यूथ सेवादल ब्रिगेड के शहर अध्यक्ष जावेद राईन ने किया था।

अध्यक्ष पद पर टिकी निगाहें, पुतला दहन में झुलसा कार्यकर्ता
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