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कोरोना वायरस : स्कूलों के बाद विवि, कॉलेजों व आंगनबाड़ियों में भी छुट्टी

एक वर्ष पहले
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नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए एहतियातन डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षा विभाग ने भी सभी राज्य विश्वविद्यालय, काॅलेजों (सरकारी और निजी) में छुट्टियां घोषित कर दी हैं। इस दौरान होने वाली सामूहिक गतिविधियों मसलन खेल, आंतरिक परीक्षा व सांस्कृतिक आयोजन भी स्थगित कर दिए गए हैं। इधर आयुक्त महिला बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में 31 मार्च तक अवकाश घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने आदेश में लिखा है कि इससे कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के संभावित खतरे को रोका जा सकेगा।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और एमएचआरडी दिल्ली द्वारा जारी आदेश के बाद डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रबंधन ने विश्वविद्यालय में 31 मार्च तक अवकाश घोषित कर दिया है। इस दौरान होने वाली सभी गतिविधियों मसलन आंतरिक परीक्षाएं, संगोष्ठी, सभा, शैक्षणिक गतिविधियां व अन्य आयोजनों को भी स्थगित कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने जारी आदेश में कहा है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए एहतियात के तौर पर ये फैसला लिया गया है। एक जगह पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों व बच्चों के इकट्ठा होने से बचने के लिए विश्वविद्यालय व कॉलेज अगले आदेश तक बंद रहेंगे। शैक्षणिक संस्थान बंद होने से कोरोना वायरस के हमले और उससे फैल रहे संक्रमण से बचा जा सकेगा। इस दौरान सामूहिक गतिविधियां, खेल, सांस्कृतिक आयोजन, सेमिनार, कार्यशालाएं स्थगित रहेंगी। हालांकि वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलती रहेंगी। शिक्षक और गैर शिक्षकीय स्टाफ की छुट्टी नहीं रहेगी। प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान इस संबंध में अपने स्तर पर फैसला ले सकेंगे। विश्वविद्यालय और कॉलेज कब खुलेंगे आदेश में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। आयुक्त महिला-बाल विकास नरेश पाल कुमार ने कलेक्टर प्रीति मैथिल को जारी पत्र में निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में 31 मार्च तक अवकाश घोषित किया गया है। वर्तमान में शालाओं का संचालन स्थगित होने के कारण सांझा चूल्हा कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों में नाश्ता और भोजन वितरण प्रभावित होने से यहां दर्ज 3 से 6 साल उम्र तक के बच्चों को अन्य हितग्राहियों के साथ टेक होम राशन दिया जाए।

खुरई के सिविल अस्पताल में काेराेना वायरस से बचाव के लिए लोगों को रोज बांटी जा रही दवा

खुरई। वाइरल बुखार-फ्लू एवं काेराेना वायरस से बचाव के लिए होम्योपैथी की प्रीवेंटिव दवा अर्सेनियम एलबम 30 का निशुल्क वितरण सिविल अस्पताल में अायुष विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसका डोज लेने के बाद फ्लू एवं काेराेना वायरस होने की संभावना कम हो जाएगी। यह वैक्सीन की तरह काम करेगी। यह दवा प्रीवेंटिव डोज है इसके लेने के बाद शरीर में पहले से रोग प्रतिरोधक एंडीबाॅडी बन जाएगी। जिससे इन बीमारियाें के हाेने की संभावनाएं कम हाे जाएंगी ।

अस्पताल में हाेम्याेपैथी दवा अाेपीडी के समय मिल सकेगी। शनिवार काे सिविल अस्पताल में 140 लाेगाें काे एवं अाशा कार्यकर्ता के माध्यम खड़ाखेड़ी गांव में 150 लाेगाें काे निशुल्क दवा का वितरण करवाया गया है । स्टाॅफ के लाेगाें काे भी दवा का वितरण किया गया। पहले खड़ाखेड़ी गांव बुखार के लिए हाईरिस्क में रखा गया था। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन आयुष विभाग द्वारा दवा का निशुल्क वितरण हो रहा है। अभियान की नाेडल अधिकारी आयुष मेडीकल आॅफीसर डाॅ. आकांक्षा विश्वे का कहना है कि अर्सेनियम एलबम 30 नामक दवा को हर स्वस्थ व्यक्ति खा सकता है। पहले चरण में इसके तीन डोज दिए जाते हैं। जिसमें लगातार तीन दिन प्रत्येक डोज खाली पेट लेना है। इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं है। गर्भवती महिलाएं भी खा सकती हैं। दवा खाने के बाद वाइरस शरीर में प्रवेश करने की संभावनाएं कम हाे जाती हैं। भारत सरकार की साइंटिफिक एडवाइजरी के मुताबिक हाेम्याेपैथी की अर्सेनियम एलबम 30 दवा देने का सुझाव दिया गया है। जिससे इस दवा का वितरण किया जा रहा है। उन्हाेंने बताया कि यह भ्रांति है कि होम्योपैथी दवा धीमी गति से काम करती है। जबकि अगर देखा जाए तो यह दवा सबसे तेज गति से काम करती है और रोग को जड़ से खत्म कर देती है।

संख्या में विद्यार्थियों व बच्चों के इकट्ठा होने से बचने के लिए विश्वविद्यालय व कॉलेज अगले आदेश तक बंद रहेंगे। शैक्षणिक संस्थान बंद होने से कोरोना वायरस के हमले और उससे फैल रहे संक्रमण से बचा जा सकेगा। इस दौरान सामूहिक गतिविधियां, खेल, सांस्कृतिक आयोजन, सेमिनार, कार्यशालाएं स्थगित रहेंगी। हालांकि वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलती रहेंगी। शिक्षक और गैर शिक्षकीय स्टाफ की छुट्टी नहीं रहेगी। प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान इस संबंध में अपने स्तर पर फैसला ले सकेंगे। विश्वविद्यालय और कॉलेज कब खुलेंगे आदेश में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। आयुक्त महिला-बाल विकास नरेश पाल कुमार ने कलेक्टर प्रीति मैथिल को जारी पत्र में निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में 31 मार्च तक अवकाश घोषित किया गया है। वर्तमान में शालाओं का संचालन स्थगित होने के कारण सांझा चूल्हा कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों में नाश्ता और भोजन वितरण प्रभावित होने से यहां दर्ज 3 से 6 साल उम्र तक के बच्चों को अन्य हितग्राहियों के साथ टेक होम राशन दिया जाए।
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