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लाइब्रेरी के लिए निगम ने नजूल से मांगी आईजी ऑफिस के पास खाली पड़ी जमीन

एक वर्ष पहले
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आईजी बंगले के पास वर्षों के खाली पड़ी हुई जमीन पर शहर की लाइब्रेरी और इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने का प्लान तैयार किया जा रहा है। फिलहाल यह जमीन नजूल में दर्ज है। इसके लिए नगर निगम आयुक्त ने जमीन के हस्तांतरण के लिए नजूल को चिट्ठी लिखी है। ताकि प्रोजेक्ट का काम स्मार्ट सिटी से शुरू किया जा सके। यह जमीन इतनी बड़ी है कि यहां बचे हुए हिस्से में पार्क आदि को भी डेवलप करना का प्लान तैयार किया गया है। फिलहाल जमीन को लेकर 23 मार्च तक दावे-आपत्तिया भी बुला गई है। जिनके निराकरण का बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

आईजी ऑफिस के पास नजूल के ब्लॉक नंबर 61 के प्लॉट नंबर 5/2 की 80 हजार वर्गफुट और ब्लॉक नंबर 58 के प्लॉट नंबर 6/1 की 9107 वर्गफुट जमीन नजूल में दर्ज है। जमीन पर स्मार्ट सिटी ने इन्क्यूबेशन सेंटर की प्लानिंग की है। जिसका मकसद रोजगार के नए अवसर देने के साथ, अलग-अलग उद्योगों के लिए कुशल कार्यबल विकसित कराना है। ताकि उद्योग की जरूरत और मांग के अनुसार युवाओं को मार्गदर्शन मिल सके। चर्चा है कि इस जमीन को लेकर पिछले साल से ही कवायदें चल रही है। शासन की भी चिट्ठियां स्थानीय अधिकारियों को मिली हैं। फिलहाल यह जमीन नगरीय विकास एवं आवास विभाग को हस्तांतरित किया जाना है। जिसके बाद जमीन स्मार्ट सिटी को दी जाएगी।

पहले से हैं सिटी लाइब्रेरी, जिसकी हालत है खराब

शहर में नगर निगम के आधिपत्य में आने वाली एक लाइब्रेरी स्टेडियम में पहले से हैं। जिसकी हालत खराब है। बीते दिनों कलेक्टर प्रीति मैथिल ने यहां निरीक्षण करते हुए लाइब्रेरी को व्यवस्थिति करने के लिए कहा था, जो अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। जबकि अब नगर निगम स्मार्ट सिटी के माध्यम से एक नई लाइब्रेरी को बनाने की प्लानिंग कर रहा है।

रोजगार के नए अवसर देने के साथ, अलग-अलग उद्योगों के लिए कुशल कार्यबल विकसित कराना है। ताकि उद्योग की जरूरत और मांग के अनुसार युवाओं को मार्गदर्शन मिल सके। चर्चा है कि इस जमीन को लेकर पिछले साल से ही कवायदें चल रही है। शासन की भी चिट्ठियां स्थानीय अधिकारियों को मिली हैं। फिलहाल यह जमीन नगरीय विकास एवं आवास विभाग को हस्तांतरित किया जाना है। जिसके बाद जमीन स्मार्ट सिटी को दी जाएगी।
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