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मरण तो सभी संसारी जीवों का होता है परंतु समाधि मरण सच्चे संतों का होता है : अाचार्यश्री

Sagar News - मृत्यु को मातमपूर्ण नहीं महोत्सव पूर्ण मनाओ। मरण तो सभी संसारी जीवों का होता है परंतु समाधि मरण सच्चे संतों का...

Jan 24, 2020, 09:00 AM IST
Sagar News - mp news death happens to all worldly creatures but samadhi is death to true saints acharyashree
मृत्यु को मातमपूर्ण नहीं महोत्सव पूर्ण मनाओ। मरण तो सभी संसारी जीवों का होता है परंतु समाधि मरण सच्चे संतों का होता है। हंसते हंसते जीना सभी धर्म सिखलाते है पर हंसते-हंसते मरना मात्र जैन धर्म सिखाता है।

यह बात आचार्यश्री निर्भय सागर महाराज ने आचार्यश्री अभिनंदन सागर महाराज के छठवें समाधि दिवस पर कही। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी के छठवें आचार्य शांतिसागर महाराज की परंपरा के प्रथम आचार्य थे अभिनंदन सागर महाराज। जो समता, सरलता अाैर वात्सल्य की मूर्ति थे। आपने 45 दीक्षाएं प्रदान कीं। जैसे पूज्य आचार्य विद्यासागर महाराज की आज बुंदेलखंड मध्यप्रदेश में प्रभावना है वैसे ही आचार्य अभिनंदन सागर का प्रभाव संपूर्ण राजस्थान क्षेत्र में था।आचार्य श्री कहते थे प्रभावना न हो कोई बात नहीं, पर कभी भी अप्रभावना नहीं होनी चाहिए। परमार्थ की साधना और उपासना ही जिनका लक्ष्य रहा, सर्व कल्याण जिनका जीवन सूत्र बना वही हमारे आदर्श गुरु हैं। हम भावना भाते हैं कि हमारी भी उत्कृष्ट समाधि हो। आचार्यश्री निर्भय सागर जी ने प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर बताया मोह का क्षय ही मोक्ष है। जीवन निर्वाह तो सब करते हैं परंतु जो निर्वाह को छोड़कर श्रेष्ठ व्रतों को धारण करते हैं वही भगवान बनते हैं। जो राग द्वेष वासना के बाण को निकालते हैं वही निर्वाण को प्राप्त होते हैं। बाहुबली कॉलोनी में आज सुबह से ही श्रद्धा भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने अभिषेक, शांतिधारा कर निर्वाण लाडू समर्पित किए। संघस्थ मुनिश्री शिवदत्त सागर, हेमदत्तसागर, सुदत्त सागर, सोमदत्त सागर, छुल्लकश्री सूर्य दत्त सागर एवं चंद्रदत्त सागर, ब्रह्मचारिणी लवली दीदी एवं समाज के श्रेष्ठीजनों ने आचार्यश्री अभिनंदन सागर के प्रति अपने अपनी विनयांजलि प्रस्तुत की। मनोज जैन लालो ने बताया जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर अंकुर कॉलोनी मकरोनिया में भी बड़े धूमधाम से मनाया गया। चौबीसी में विराजमान बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा की गई। प्रथम सौभाग्य खेमचंद ढाना, द्वितीय सुरेंद्र मालथौन, तृतीय मनोज लालो, चतुर्थ राजेश जैना, पांचवां केसी जैन बैंक वालो को प्राप्त हुआ। संचालन पंडित उदय चंद शास्त्री ने किया।

काकागंज मंदिर में अभिषेक अाैर शांतिधारा हुई

आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर काकागंज में भी मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीजी के प्रच्छालन और अभिषेक से हुई। प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य डॉ. सुनील कुमार, राजेश कुमार, द्वितीय का शांतिधारा सुनील कुमार, संजय कुमार, आशीष एवं चक्रेश जैन को प्राप्त हुआ। यहां भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व मोक्ष दिवस के रूप में मनाया गया। जिसमें भक्तों ने भक्ति भाव से लाडू समर्पित किया।

माेक्ष दिवस

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