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डबल पेमेंट करने वाले लिपिक व सिस्टम इंजीनियर सस्पेंड

एक वर्ष पहले
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ट्रेजरी की ट्रेजडी

दूसरों के खातों में डाल दिए थे 3.56 करोड़ रुपए

सागर|जिला कोषालय (ट्रेजरी) के दो कर्मचारियों को आयुक्त, वित्त एवं कोष ने सस्पेंड कर दिया है। कर्मचारियों में एक लिपिक अमित मिश्रा और दूसरे सिस्टम इंजीनियर अनिल पांडे शामिल है। दोनों के खिलाफ ये कार्रवाई पेमेंट को लेकर बरती गई ब्लंडर चूक को देखकर की गई है। चर्चाओं के
अनुसार इस मामले को जिला ट्रेजरी को काफी दबाने की कोशिश की लेकिन भोपाल में बैठे अफसरों को इसकी खबर
मिली और कार्रवाई कर दी।

बीती 24 फरवरी को ट्रेजरी से महज 9 हजार रु. का पेमेंट करने के फेर में 3. 56 करोड़ रुपए का डबल पेमेंट हो गया था। ट्रेजरी का अमला इसे करीब सप्ताह भर दबाए रहा और डबल पेमेंट लेने वालों से राशि की मांग करता रहा। जिला कोषालय के सूत्रों के अनुसार ट्रेजरी से निकले 3.56 करोड़ रुपए में से अधिकांश राशि खातों में वापस आ गई है। कुछ लाख रुपए बचे हैं। यह वह राशि है जो डबल पेमेंट लेने वाले एकाउंटधारक के लोन खाते में सीधे जमा हो गई।

कार्रवाई के बाद बैंक की चूक का दावा आधारहीन : मामले के खुलासे के बाद जिला कोषालय अधिकारी अभयराज शर्मा ने करोड़ों रुपए की इस गड़बड़ी को साधारण बताया था। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा था कि इस तरह के घटनाक्रम होते रहते हैं लेकिन इस दफा सारी चूक संबद्ध एसबीआई के तकनीकी फॉल्ट से हुई है। उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर दूसरों के खाते में गई राशि वापस नहीं आई तो हम संबंधित बैंक से ई-पेमेंट को लेकर हुए अनुबंध के आधार पर हर्जाना वसूल लेंगे। लेकिन अब भोपाल के अफसरों द्वारा ट्रेजरी के ही कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने से उनके इस दावे की पोल खुल गई है। इधर एक चर्चा ये भी है कि ट्रेजरी के सीनियर अफसरों ने अपनी कॉलर बचाने के लिए यह सारी गड़बड़ी सिस्टम इंजीनियर के मत्थे मढ़ दी है। जबकि इस पेमेंट के लिए मुख्य रूप से लिपिक मिश्रा व ट्रेजरी के सीनियर अधिकारी जवाबदेह थे।
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