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सूखा राजघाट : केवल 20% पानी ही बांध से हो पा रहा सप्लाई, महापौर ने माना शहर संकट में

2 वर्ष पहले
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राजघाट अब दम तोड़ता दिख रहा है। खुद महापौर भी स्वीकार कर रहे हैं कि शहर संकट में है। उनका कहना है कि पानी को लेकर निगम ने प्रयास किए,लेकिन मांग के मुकाबले राजघाट की क्षमता बहुत कम है। दूसरी तरफ राजघाट के स्थाई समाधान को लेकर अभी केवल चिट्‌ठी-पत्री स्तर पर ही मामला अटका है। नगर निगम अपनी सीमाएं बताकर बात टाल देता है तो विधायक व सांसद \\\"कुछ होना चाहिए\\\' कहकर चुप रह जाते हैं।

भास्कर में लगातार दो दिन से छप रहीं खबरों के बाद शनिवार को महापौर अभय दरे राजघाट पर पहुंचे। उनका कहना है कि बांध का जलस्तर बहुत ही कम हो गया है। बांध के अंदर 500 फुट लंबी, 100 फुट चौड़ी और 15 फुट गहरी नहर पोकलेन मशीन से बनाई है। पंपों को लगाकर पानी लिफ्ट करना पड़ रहा है। पंपों की मोटाई 6 इंच की है। जबकि इंटकवेल के 5 फुट मोटी पाइप लाइन से पानी लिफ्ट कर शहर की पेयजल आपूर्ति की जा रही है।

यहीं कारण है कि केवल 20% पानी ही इंटकवेल तक पहुंचा पा रहे हैं। इसी कारण लोगों को दिक्कतें हो रही है। राजघाट बनने के बाद इसके सेकंड फेस को लेकर अभी गंभीर प्रयास नहीं हुए। महापौर का कहना है कि निगम की अपनी सीमाएं हैं। हम मांग ही कर सकते हैं। उनकी नजर में राजघाट के गेट लगाना ही एक मात्र उपाय है।

सीवर के काम से फूटी पीने की लाइन, 7 दिन बाद मिला पानी

बल्लभनगर के पास चल रहे सीवरेज के काम से बीते दिनों पाइप लाइन फूट गई। इसके कारण बल्लभ नगर, नरयावली नाका. रविशंकर, मोहननगर वार्ड में 7 दिनों बाद पानी मिल पाया। शनिवार को पाइप लाइन सुधारने के बाद सप्लाई की गई थी। उधर, सिविल लाइन वार्ड में पिछले कई दिनों से राजघाट का पानी नहीं आया है।

जलसंकट : नगर निगम ने जवाब देने मांगा समय, कोर्ट ने एक जुलाई रखी सुनवाई की तारीख
सागर | अधिवक्ताओं द्वारा जलसंकट को लेकर लगाए गए केस की शनिवार को लोक उपयोगी सेवाओं की लोक अदालत में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व पीठासीन अधिकारी रामबिलास गुप्ता ने सुनवाई की। कलेक्टर, नगर निगम महापौर तथा आयुक्त की ओर से उपस्थित हुए अधिवक्ताओं ने कोर्ट से याचिका का जवाब देने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने आपत्ति स्वीकार करते हुए अफसरों को जवाब पेश करने के लिए 1 जुलाई को अंतिम अवसर दिया।

ऑडियो वायरल शहरवासी ने महापौर से कहा-पानी दें या इस्तीफा दे दें

राजघाट बांध से पानी न मिलने से पीड़ित एक व्यक्ति और महापौर अभय दरे के बीच हुई चर्चा का ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें महापौर इस जलसंकट के लिए सांसद राजबहादुर सिंह और शहर विधायक शैलेंद्र जैन को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ऑडियो में पानी न मिलने से त्रस्त व्यक्ति ने उनसे कह रहा है कि अगर पानी नहीं दे पा रहे हैं तो धरना दे हम आपका साथ देंगे। नहीं तो इस्तीफा ही दे दें। 5 मिनट के इस ऑडियो में महापौर कहते सुने गए हैं कि निगम जितने प्रयास कर सकता था उसने किए अब कोई महापौर पानी तो पैदा नहीं कर सकता। इस्तीफा दूंगा तो लोग कहेंगे-मैदान छोड़कर भाग गए।

केंद्र से चर्चा करूंगा : सांसद

सांसद राजबहादुर ने कहा कि बांध में पानी कम बचा है। बांध के सेकेंड फेस पर ले जाने के लिए केंद्र स्तर पर चर्चा करूंगा। ताकि स्थाई समाधान हो सके।

डी-सिल्टिंग होना चाहिए : विधायक

विधायक शैलेंद्र जैन का कहना है कि सरकार ने हाइट बढ़ाने के प्रस्ताव को पहले ही मना कर दिया था। अब मात्र उपचार डी-सिल्टिंग का है। इसके लिए सरकार से डिमांड करेंगे। पाइप लाइन भी खराब हो चुकी है। उन्हें ठीक करने के लिए पहले प्रयास किए जाएंगे।

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