54 छात्राओं को यूनीफाॅर्म दिलाने की शर्त पूरी की तब किया दुर्घटना दावा केस में राजीनामा

Sagar News - जिला कोर्ट परिसर में शनिवार को लगी नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा मामले में दिलचस्प राजीनामा हुआ है।...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:00 AM IST
Sagar News - mp news due to the condition of getting uniforms to 54 students then the resignation in the accident case
जिला कोर्ट परिसर में शनिवार को लगी नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा मामले में दिलचस्प राजीनामा हुआ है। दरअसल इस मामले में पीड़ित अधिवक्ता ने आरोपी से राजीनामा करने के लिए किसी सरकारी स्कूल की छात्राओं को यूनीफॉर्म दिलाने की शर्त रखी थी। यह शर्त आराेपी ने शनिवार को बांसा गांव के सरकारी स्कूल की 54 छात्राओं को यूनीफाॅर्म बांटकर पूरी कर दी। इसके बाद अधिवक्ता ने लोक अदालत में मामले में राजीनामा कर लिया।

मोहननगर वार्ड निवासी अधिवक्ता पवन नन्होरिया 31 अक्टूबर 2015 को सुबह 6 बजे भोपाल रोड पर मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इस दौरान बड़ी नदी के पास तेज रफ्तार बाइक चालक खजुरिया गांव निवासी आनंद साहू ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में नन्होरिया को गंभीर चोटें आई। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सप्तम मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकारी नवनीत वालिया की कोर्ट में 4 लाख रुपए का दावा पेश किया था। आर्थिक रूप से कमजोर आरोपी ने अधिवक्ता से केस में राजीनामा करने की बात कही। इसके लिए अधिवक्ता ने किसी भी सरकारी स्कूल की छात्राओं को यूनीफॉर्म दिलाने की शर्त रख दी। शनिवार को आनंद साहू ने शासकीय प्राथमिक शाला बांसा की 54 छात्राओं को यूनीफाॅर्म दिला दी। इसके बाद अधिवक्ता ने लोक अदालत में आनंद से राजीनामा कर लिया।

लोक अदालत निराकरण का सस्ता माध्यम-डीजे : जिला कोर्ट परिसर में लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष केपी सिंह ने कहा कि लोक अदालतें प्रकरणों के निराकरण का सबसे सुलभ व सस्ता माध्यम हैं। लोक अदालतों के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण शीघ्र होने से आम जन में कानून के प्रति आस्था बढ़ रही है, और समाज में सौहार्दपूर्ण माहौल निर्मित हो रहा है। समझौता करने वाले पक्षकारों को प्रतीक स्वरूप फलदार व छायादार न्याय वृक्ष दिए गए। ताकि उनके मन में लोक अदालत की स्मृति को न्याय वृक्ष के रूप में जीवंत रखा जा सके। इस दौरान मीडिएशन से संबंधित शार्ट फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में न्यायाधीश डीके नागले, रामविलास गुप्ता, मनोज कुमार सिंह, दीपाली शर्मा, पंकज यादव, अनुज चंसोरिया व अधिवक्ता मौजूद थे।

जिले में रखे गए थे 9681 केस, निपटे 1566

नेशनल लोक अदालत में निराकरण के लिए जिले में बनाई गई 43 खंडपीठाें में कुल 9681 केस रखे गए थे, लेकिन इनमें से केवल 1566 मामले ही निपटाए जा सके। इनमें लंबित प्रकरण 2952 थे। इनमें से 581 का निराकरण हुआ। प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) के 6729 मामले रखे गए थे, लेकिन इनमें से 985 प्रकरण ही निराकृत हो सके। प्राधिकरण की सचिव विधि सक्सेना ने बताया कि मोटर दुर्घटना के 164 प्रकरणों में पक्षकारों को 16237100 रुपए क्षतिपूर्ति दिलाई गई। चैक बाउंस के 138 प्रकरण, आपराधिक प्रकृति के 53 प्रकरण, विद्युत के 77 प्रकरण, पारिवारिक विवाद के 62 प्रकरण तथा दीवानी एवं अन्य प्रकृति के 87 प्रकरणों का निराकरण किया गया। विभिन्न बैंकों के 117 प्रकरण, विद्युत विभाग के 191, नगर निगम के 402 एवं अन्य 275 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण भी हुआ। इनमें 6391241 रुपए का राजस्व वसूला गया।

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