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खुरई के सिलाेधा गांव में घास से बनी झाेपड़ी में लगी अाग, दाे बच्चे जिंदा जले

एक वर्ष पहले
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खुरई देहात थाने के सिलोधा गांव के एक खेत में साेमवार की दाेपहर घास से बनी झाेपड़ी में अाग लग गई। अाग की लपटें इतनी तेज थी कि उसके अंदर से दाे बच्चाें काे बाहर नहीं निकाला जा सका अाैर वे जिंदा जल गए। चूल्हे की चिंगारी से झाेपड़ी में अाग लगने की बात सामने अाई है। पास में ही बनी झाेपड़ियाें में भी बच्चे साे रहे थे, गनीमत रही कि अाग अन्य झाेपड़ियाें में नहीं फैल पाई। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

खुरई से सागर मेनराेड स्थित सिलोधा गांव के पास स्थित एक खेत मे कई मजदूरों की झोपड़ी हुई हैं। झोपड़ी के बाहर मजदूर चूल्हे पर खाना बनाते हैं। साेमवार की दाेपहर कटनी बड़वारा के काेल परिवार के लाेग यहां खेत में फसल की कटाई करने अाए थे। जिस समय वे खेत में थी तभी एक झाेपड़ी में अाग लग गई। झाेपड़ी के अंदर साे रही 3 साल की सखीना कोल अाैर उसका भाई 4 वर्षीय धर्मेन्द्र कोल जिंदा जल गए। खेत में काम कर रहे लाेग दाैड़कर अाए, लेकिन अाग इतनी तेज थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। पुलिस की डायल 100 व देहात थाना प्रभारी रोहित मिश्रा माैके पर पहुंचे। थाना प्रभारी मिश्रा ने बताया कि जब मजदूर खेत पर थे, उसी समय झाेपड़ी में अा लग गई। मर्ग दर्ज कर इस मामले की जांच करा रहे हैं।

प्रशासन ने झाेपड़ियां खाली कराईं, गांव में दी मजदूराें काे शरण


जिस समय झाेपड़ी में अाग लगी। खेत में मसूर की फसल काट रहे लाेग झाेपड़ी करीब 400 मीटर की दूरी पर थे।इसी बीच वहां से गुजर रहे व्यक्ति ने अाग देखी अाैर बुझाना शुरू किया, लेकिन देर हाे चुकी थी। यहां करीब 8 झाेपड़ियाें में एक दर्जन बच्चे थे। माना जा रहा है कि चूल्हे की चिंगारी ने झाेपड़ी काे स्वाहा कर दिया। घटना के बाद एसडीएम सीएल वर्मा सिविल अस्पताल पहुंचे अाैर परिजनाें से मिले। शाम काे सभी लाेग झाेपड़ियां खाली करके सिलाैधा गांव पहुंच गए। अासपास के अन्य खेतीहर मजदूराें ने भी झाेपड़ियां खाली करा दीं अाैर मजदूराें काे गांव में शरण दी गई है।


बाइक से गांव लाैट रहे थे मजदूर, जैसीनगर के पास वाहन ने टक्कर मारी, तीनाें की माैत

बच्चे धूप में परेशान न हाे इसलिए झाेपड़ी में छाेड़ गए थे

बच्चाें की माैत से बिलखते हुए मां ने बताया कि जब खेत पर गए थे, तब दाेनाें काे खेलता हुए छाेड़ गए थे। मालूम नहीं था कि एेसी घटना हाे जाएगी। झाेपड़ी के सामने चूल्हे में खाना बनाया था। बच्चाें काे भी खाना खिलाया था। बच्चे धूप में परेशान न हाें, इसलिए झाेपड़ी की छांव में छाेड़ गए थे, राेजाना एेसा ही करते थे। चूल्हा खाना बनाने के बाद बुझा दिया था। अासपास के चूल्हे भी बुझे थे, सभी में पानी डाला था। फिर अाग कहां से अा गई, समझ में नहीं अा रहा है। झाेपड़ियां घास की हैं, उसमें अाग तुरंत लग गई। माेर दादू, वैया जल गहिन...।

सागर | जैसीनगर के हिन्नाैद गांव के पास बीती रात अज्ञात वाहन ने बाइक सवार तीन लाेगाें काे टक्कर मार दी। हादसे में तीनाें की माैके पर ही माैत हाे गई। वे देवरी से मजदूरी करके अपने गांव गूगर लाैट रहे थे। मृतक एक ही परिवार के हैं। पुलिस टक्कर मारकर भागे वाहन की तलाश कर रही है। ।

जैसीनगर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि हादसे में मृत विनाेद पिता नेतराम पटेल उम्र 25 साल, अजय पिता जगदीश पटेल उम्र 21 साल, गाेविंद पिता मुन्ना पटेल उम्र 23 साल तीनाें गूगर गांव के रहने वाले थे। देवरी में मजदूरी करने जाते थे। रविवार की रात करीब 12 बजे देवरी से अपने गांव लाैट रहे थे। तीनाें एक ही बाइक पर सवार थे। हिन्नाैद गांव के पास अज्ञात वाहन तीनाें काे तेज टक्कर मारता हुअा चला गया। तीनाें सड़क किनारे पड़े थे। राहगीराें ने पुलिस काे सूचना दी। तीनाें की माैके पर ही माैत हाे गई थी। इसके बाद उनके शव जिला अस्पताल लाए गए। वाहन चालक वाहन लेकर माैके से भाग गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। हाेली के एक िदन पहले हादसे में एक ही परिवार के तीन लाेगाें की माैत से गूगर गांव में शाेक है।
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