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शहर में पहली बार गाेकाष्ठ और कंडों से हाेगा हाेलिका दहन

एक वर्ष पहले
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शहर में पहली बार साेमवार काे होलिका दहन में गोकाष्ठ अाैर कंडाें का ही उपयोग करेगा। खास बात यह है कि यह गाेकाष्ठ सागर की ही दयोदय गोशाला में तैयार हुई है। तिलकगंज में इस गाेकाष्ठ से हाेलिका दहन किया जाएगा। गाैशाला के अध्यक्ष वीरेंद्र मालथौन ने बताया कि रताैना स्थित गाैशाला में गाय के गोबर से गोकाष्ठ बनाए जा रहे हैं। अगले साल हम पूरी काेशिश करेंगे कि शहर में अधिक से अधिक लाेगाें काे हाेलिका दहन के लिए गाेकाष्ठ उपलब्ध करा सकें। वहीं मकरोनिया में भी सिर्फ कंडे ही कंडे से हाेलिका दहन का प्रबंध किया गया है।

मकरोनिया स्थित श्रीराम दरबार मंदिर के पंडित केशव महाराज ने बताया कि दैनिक भास्कर की पर्यावरण बचाव मुहिम के तहत इस बार हम सिर्फ कंडाें का ही उपयोग हाेलिका दहन में कर रहे हैं। दहन में कपूर, लौंग, इलाइची, भोजपत्र और गाय के शुद्ध घी को भी डाला जाएगा। इससे वातावरण भी शुद्ध होगा और बीमारियाें का भी खतरा कम हाेगा। गौरतलब है कि दैनिक भास्कर होलिका दहन के दौरान होने वाले पर्यावरण के नुकसान का मुद्दा उठाता रहा है।

इसी का असर अब देखने काे मिल रहा है कि लागे अब सिर्फ गोबर के कंडों से ही हाेलिका दहन कर रहे हैं। पंडित रामगाेविंद शास्त्री ने बताया कि इस बार हाेलिका दहन भद्रा मुक्त है। एेसे में रात में 8 बजे के बाद कभी भ हाेलिका दहन कर सकते हैं।

जलसंरक्षण का संदेश } महिलाअाें ने राधा-कृष्ण के साथ खेली फूलाें की हाेली

रविवार को गोपालगंज स्थित नृत्यगोपाल मंदिर परिसर में महिलाओं ने राधा-कृष्ण के साथ फूलों की होली खेली। होली गीतों, बुंदेली फाग अाैर भजनों की संगीतमय प्रस्तुति पर महिलाओं ने नृत्य किया। एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा की। मथुरा-वृंदावन की तर्ज पर सागर में फूलों की होली का यह आयोजन पुष्पा शास्त्री के संयोजन में पिछले 7 सालाें से चल रहा है। इसका उद्देश्य रंगाें से दूर प्राकृतिक तरीके से हाेली खेलना अाैर पानी सहेजना है। इस माैके पर पद्मा शुक्ला, माया मिश्रा, दीपा मिश्रा, सुधा देवलिया,उमा देवी, निशा, लता, रंजना, भागवती रायकवार, मनीषा, सुशीला, रंजना, किरणप्रभा, वंदना, शालिनी सहित बड़ी संख्या मंे महिलाएं माैजूद थीं।

होलिका दहन आज

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