• Hindi News
  • Mp
  • Sagar
  • Sagar News mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop

भोपाल में ही रात रुकने को कहा था, सुबह बच्चों का स्कूल था इसलिए नहीं रुका जैन परिवार

Sagar News - भास्कर संवाददाता | सागर/ रहली/ जरुवाखेड़ा ग्यारसपुर के पास हादसे में मृत अनिल जैन का परिवार अनंतपुरा वाले जैन...

Dec 11, 2019, 10:16 AM IST
Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
भास्कर संवाददाता | सागर/ रहली/ जरुवाखेड़ा

ग्यारसपुर के पास हादसे में मृत अनिल जैन का परिवार अनंतपुरा वाले जैन परिवार के नाम से जाना जाता है। उनकी रहली के बस स्टैंड पर श्रीजी के नाम से साड़ी की दुकान है। वे एलअाईसी एजेंट भी थे। वे हमेशा लोगों को सीख दिया करते थे कि कब क्या हो जाए किसी को पता नहीं। हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। उनके मिलनसार व्यक्तित्व के कारण लोग उनसे जुड़े हुए थे। अाज वे हमारे बीच नहीं हैं। उनके एक-एक शब्द उनके मिलने वालों अौर परिचितों के कानों में गूंज रहे हैं। उनके परिजन व रिश्तेदारों के अनुसार भोपाल से मध्य रात्रि लौटने के वक्त उन्हें रिश्तेदारों ने रात रुकने के लिए कहा था, लेकिन अनिल का बेटा अनुज अौर बेटी अास्था का सुबह स्कूल था। इसलिए वे रात में ही लौट अाए।

सूचना मिलते ही बिलख पड़े अनुज के सहपाठी छात्र : अनुज रहली के क्राइस्ट कान्वेंट स्कूल में कक्षा 9 वीं का छात्र था। मंगलवार की सुबह जब अनुज के निधन की खबर स्कूल पहुंची तो शोक सभा बुलाई गई। इस दौरान अनुज के साथी छात्र िबलख पड़े। बाद में स्कूल की छुट्टी हो गई। अनुज पढ़ाई में बेहद होशियार था। बेटी अास्था कक्षा 5 वीं में पढ़ती है। अनिल के पिता का निधन हो चुका है। वृद्ध मां उनके साथ गईं थीं, जो अब इस दुनिया में नही रही। प|ी सरिता व बेटी अास्था को मामूली चोटें अाईं हैं। प|ी व बेटी को सुबह तक इस हादसे के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी।

पिछले साल इंद्राणी बनी थीं सुनीता

जरुवाखेड़ा के प्रतिष्ठित किराना व्यापारी सुनील सिंघई की प|ी सुनीता धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। उनका ज्यादातार समय ध्यान व शांति विधान में बीतता था। पिछले साल जरुवाखेड़ा में हुए विधान में वे इंद्राणी बनी थीं। उनके परिजनों के अनुसार सुनीता रविवार को जरुवाखेड़ा से अपने मायके रहली गईं थी। यहां से भाई व मां के साथ रिश्तेदार के यहां शांति विधान व गृह प्रवेश कार्यक्रम में भोपाल चली गईं।

एक साथ हुई मां, बेटा अौर नाती की अंत्येष्टि, हर अांख थी नम

जरुवाखेड़ा निवासी सुनीता की अंत्येष्टी बुधवार को होगी। उनका एक बेटा बेंगलुरु में अौर दूसरा विदेश में है। दोनों अा रहे हैं। रहली में मंगलवार की शाम अनिल जैन, उनकी मां कुसुम बाई व बेटा अनुज तीनों की अंत्येष्टि हुई। जब तीनों की अंतिम यात्रा निकली तो हर अांख नम हो गई।

अनिल जैन रहली

सागर. एक साथ हुई मां, बेटे अाैर नाती की अंत्येष्टि।

भास्कर संवाददाता | सागर/ रहली/ जरुवाखेड़ा

ग्यारसपुर के पास हादसे में मृत अनिल जैन का परिवार अनंतपुरा वाले जैन परिवार के नाम से जाना जाता है। उनकी रहली के बस स्टैंड पर श्रीजी के नाम से साड़ी की दुकान है। वे एलअाईसी एजेंट भी थे। वे हमेशा लोगों को सीख दिया करते थे कि कब क्या हो जाए किसी को पता नहीं। हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। उनके मिलनसार व्यक्तित्व के कारण लोग उनसे जुड़े हुए थे। अाज वे हमारे बीच नहीं हैं। उनके एक-एक शब्द उनके मिलने वालों अौर परिचितों के कानों में गूंज रहे हैं। उनके परिजन व रिश्तेदारों के अनुसार भोपाल से मध्य रात्रि लौटने के वक्त उन्हें रिश्तेदारों ने रात रुकने के लिए कहा था, लेकिन अनिल का बेटा अनुज अौर बेटी अास्था का सुबह स्कूल था। इसलिए वे रात में ही लौट अाए।

सूचना मिलते ही बिलख पड़े अनुज के सहपाठी छात्र : अनुज रहली के क्राइस्ट कान्वेंट स्कूल में कक्षा 9 वीं का छात्र था। मंगलवार की सुबह जब अनुज के निधन की खबर स्कूल पहुंची तो शोक सभा बुलाई गई। इस दौरान अनुज के साथी छात्र िबलख पड़े। बाद में स्कूल की छुट्टी हो गई। अनुज पढ़ाई में बेहद होशियार था। बेटी अास्था कक्षा 5 वीं में पढ़ती है। अनिल के पिता का निधन हो चुका है। वृद्ध मां उनके साथ गईं थीं, जो अब इस दुनिया में नही रही। प|ी सरिता व बेटी अास्था को मामूली चोटें अाईं हैं। प|ी व बेटी को सुबह तक इस हादसे के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी।

पिछले साल इंद्राणी बनी थीं सुनीता

जरुवाखेड़ा के प्रतिष्ठित किराना व्यापारी सुनील सिंघई की प|ी सुनीता धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। उनका ज्यादातार समय ध्यान व शांति विधान में बीतता था। पिछले साल जरुवाखेड़ा में हुए विधान में वे इंद्राणी बनी थीं। उनके परिजनों के अनुसार सुनीता रविवार को जरुवाखेड़ा से अपने मायके रहली गईं थी। यहां से भाई व मां के साथ रिश्तेदार के यहां शांति विधान व गृह प्रवेश कार्यक्रम में भोपाल चली गईं।

एक साथ हुई मां, बेटा अौर नाती की अंत्येष्टि, हर अांख थी नम

जरुवाखेड़ा निवासी सुनीता की अंत्येष्टी बुधवार को होगी। उनका एक बेटा बेंगलुरु में अौर दूसरा विदेश में है। दोनों अा रहे हैं। रहली में मंगलवार की शाम अनिल जैन, उनकी मां कुसुम बाई व बेटा अनुज तीनों की अंत्येष्टि हुई। जब तीनों की अंतिम यात्रा निकली तो हर अांख नम हो गई।

कुसुम बाई रहली

अनुज जैन

रहली

सुनीता सिंघई जरुवाखेड़ा

भास्कर संवाददाता | सागर/ रहली/ जरुवाखेड़ा

ग्यारसपुर के पास हादसे में मृत अनिल जैन का परिवार अनंतपुरा वाले जैन परिवार के नाम से जाना जाता है। उनकी रहली के बस स्टैंड पर श्रीजी के नाम से साड़ी की दुकान है। वे एलअाईसी एजेंट भी थे। वे हमेशा लोगों को सीख दिया करते थे कि कब क्या हो जाए किसी को पता नहीं। हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। उनके मिलनसार व्यक्तित्व के कारण लोग उनसे जुड़े हुए थे। अाज वे हमारे बीच नहीं हैं। उनके एक-एक शब्द उनके मिलने वालों अौर परिचितों के कानों में गूंज रहे हैं। उनके परिजन व रिश्तेदारों के अनुसार भोपाल से मध्य रात्रि लौटने के वक्त उन्हें रिश्तेदारों ने रात रुकने के लिए कहा था, लेकिन अनिल का बेटा अनुज अौर बेटी अास्था का सुबह स्कूल था। इसलिए वे रात में ही लौट अाए।

सूचना मिलते ही बिलख पड़े अनुज के सहपाठी छात्र : अनुज रहली के क्राइस्ट कान्वेंट स्कूल में कक्षा 9 वीं का छात्र था। मंगलवार की सुबह जब अनुज के निधन की खबर स्कूल पहुंची तो शोक सभा बुलाई गई। इस दौरान अनुज के साथी छात्र िबलख पड़े। बाद में स्कूल की छुट्टी हो गई। अनुज पढ़ाई में बेहद होशियार था। बेटी अास्था कक्षा 5 वीं में पढ़ती है। अनिल के पिता का निधन हो चुका है। वृद्ध मां उनके साथ गईं थीं, जो अब इस दुनिया में नही रही। प|ी सरिता व बेटी अास्था को मामूली चोटें अाईं हैं। प|ी व बेटी को सुबह तक इस हादसे के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी।

पिछले साल इंद्राणी बनी थीं सुनीता

जरुवाखेड़ा के प्रतिष्ठित किराना व्यापारी सुनील सिंघई की प|ी सुनीता धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। उनका ज्यादातार समय ध्यान व शांति विधान में बीतता था। पिछले साल जरुवाखेड़ा में हुए विधान में वे इंद्राणी बनी थीं। उनके परिजनों के अनुसार सुनीता रविवार को जरुवाखेड़ा से अपने मायके रहली गईं थी। यहां से भाई व मां के साथ रिश्तेदार के यहां शांति विधान व गृह प्रवेश कार्यक्रम में भोपाल चली गईं।

एक साथ हुई मां, बेटा अौर नाती की अंत्येष्टि, हर अांख थी नम

जरुवाखेड़ा निवासी सुनीता की अंत्येष्टी बुधवार को होगी। उनका एक बेटा बेंगलुरु में अौर दूसरा विदेश में है। दोनों अा रहे हैं। रहली में मंगलवार की शाम अनिल जैन, उनकी मां कुसुम बाई व बेटा अनुज तीनों की अंत्येष्टि हुई। जब तीनों की अंतिम यात्रा निकली तो हर अांख नम हो गई।

Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
X
Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
Sagar News - mp news had asked to stay the night in bhopal itself there was a school of children in the morning so the jain family did not stop
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना