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फोन पर बोली नाबालिग- हैलो मैं आत्महत्या कर रही हूं, समय पर पहुंची टीम ने बचाई जान
विशेष किशोर पुलिस इकाई ने गुरुवार को जिले के परसोरिया और देवरी तहसील के जमुनिया गांव में नाबालिग जोड़ों के विवाह रोके हैं। विशेष किशोर पुलिस इकाई की ज्योति तिवारी ने बताया कि शाम करीब 7 बजे जिले के सानौधा थाने के तहत आने वाले परसोरिया गांव में 19 साल के नाबालिग बालक की शादी रचाई जा रही थी।
बारात लगने से पहले ही मौके पर टीम पहुंच गई। टीम ने बालक के परिजनों से दूल्हे के उम्र संबंधी दस्तावेज मांगे। दस्तावेजों की जांच करने पर लड़के की उम्र 19 साल निकली। टीम ने दूल्हे के परिजनों को समझाइश दी और कानून का डर दिखाया तो वे फिलहाल शादी राेकने के लिए तैयार हो गए। टीम यहां काम से फुरसत भी नहीं हुई थी कि रात करीब 9 बजे देवरी ब्लॉक के जमुनिया गांव में भी नाबालिग लड़की का विवाह किए जाने की सूचना मिली। टीम तुरंत मौके पर रवाना हो गई। टीम मौके पर पहुंची तब लड़की के घर विवाह की रस्में चल रही थीं। बारात गांव पहुंच चुकी थी। वधु पक्ष के लोग बारातियों के स्वागत में जुटे थे। कुछ ही देर बाद बारात लगाने की तैयारी की जा रही थी। टीम को मौके पर देख दोनों पक्षों में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने दस्तावेज चैक करने के बाद बताया कि लड़की अभी नाबालिग है। इसके बाद भी सभी लोग बाल विवाह करने पर अड़े हुए थे। टीम ने सख्ती दिखाई और ऐसा करने पर सजा व जुर्माने का प्रावधान बताया तो वे बाल विवाह रोकने को तैयार हुए। टीम में सतीश तिवारी, साजिद हुसैन, भैयाराम, एसआई धुर्वे, वर्षा ठाकुर, योगेश राठौर शामिल थे।
परसोरिया में बालक और जमुनिया गांव में रोकी नाबालिग की शादी
भास्कर संवाददाता | सागर
हैलो… मैं अपने जीवन से काफी परेशान हो गई हूं और मैं आत्महत्या कर रही हूं। फोन पर यह शब्द जैसीनगर ब्लॉक के तहत आने वाले बदुआ गांव की नाबालिग लड़की ने चाइल्ड लाइन से कहे। इसके बाद तुरंत सक्रिय हुई विशेष किशोर पुलिस इकाई और चाइल्ड लाइन की टीम ने नाबालिग को राहतगढ़ बस स्टैंड स्थित ओवरब्रिज से पकड़ लिया और देर शाम उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
विशेष किशोर पुलिस इकाई की ज्योति तिवारी ने बताया कि गुरुवार को सुबह करीब 10 बजे चाइल्ड लाइन के पास एक फोन आया था। इस पर 17 वर्षीय नाबालिग लड़की कह रही थी कि वह अपने जीवन से परेशान होकर आत्महत्या कर रही है। इसकी जानकारी चाइल्ड लाइन ने तत्काल इकाई को दी। संयुक्त टीम तत्काल राहतगढ़ बस स्टैंड स्थित ओवब्रिज पर पहुंच गई। इकाई ने यहां से लड़की को अपनी अभिरक्षा में ले लिया और तहसील स्थित इकाई ऑफिस ले आई। यहां बालिका से पूछताछ की गई। लड़की ने बताया कि वह जैसीनगर ब्लॉक के बदुआ गांव में रहती है। उसके पिता बलराम बंसल बैंड पार्टी में काम करते हैं। वह रोजाना शराब के नशे में धुत होकर घर आते और मारपीट करते। बेवजह पिता द्वारा मारपीट किए जाने के कारण वह बुधवार की शाम को घर छोड़कर भाग आई थी। सागर में राहतगढ़ बस स्टैंड स्थित ओवरब्रिज पर आत्महत्या करने के लिए घर से निकल आई थी। टीम ने बालिका के माता-पिता को सूचना दी। इसके बाद उनके घर पहुंचकर बालिका तथा परिजनों को समझाइश दी। इसके बाद बालिका को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
आत्महत्या की कोशिश करने वाले बालिका को टीम थाने ले आई।