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पाठ्य पुस्तक निगम को संदेह बाजार में बिकीं नकली किताबें

2 वर्ष पहले
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कलेक्टर को पत्र लिखा, कहा दुकानों की रेंडम चेकिंग करें

भास्कर संवाददाता | सागर

मप्र पाठ्य पुस्तक निगम को संदेह है कि उसके द्वारा प्रकाशित कक्षा 1 से 12 वीं तक की किताबों की नकली कॉपियां छपवाकर बेची गई हैं। पाठ्य पुस्तक निगम (पापुनि) ने अपनी इस शंका आधार इस साल सागर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में पापुनि द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित किताबों की बिक्री कम होना बताया है। निगम के एमडी राजेश जैन ने इस संबंध में कलेक्टर समेत पापुनि के स्थानी डिपो मैनेजर को जिले की अलग-अलग स्टेशनरी दुकानों पर छापामार कार्रवाई के लिए कहा है।

प्राइवेट स्कूल के विद्यार्थियों के बेची जाती हैं पापुनि की किताबें : पाठ्य पुस्तक निगम वर्तमान में कक्षा 1 से लेकर 12 वीं तक के सभी सरकारी स्कूलों में सभी वर्ग (एससी-एसटी, ओबीसी, जनरल, अल्पसंख्यक व अन्य) को मुफ्त में किताबें वितरित कर रहा है। लेकिन जो छात्र प्राइवेट, अर्धशासकीय, ट्रस्ट द्वारा संचालित स्कूलों में अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें बाजार से पुस्तकें खरीदना होती हैं। पापुनि इन्हीं विद्यार्थियों को न्यूनतम रेट पर किताबें बाजार में उपलब्ध कराता है। पापुनि का संदेह इसी केटेगरी के विद्यार्थियों के बीच कम किताबें बिकने पर उपजा है।

प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें भी बिकने का संदेह

पापुनि सूत्रों के अनुसार एक संदेह ये भी है कि कुछ स्कूल विद्यार्थियों के जरिए किताबों पर कमीशन कमाने के लिए प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें भी चलवा सकते हैं। इन किताबों में पापुनि की किताबों से मिलता-जुलता कंटेन्ट हाेता है ताकि उन्हें माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल या जिला, संभाग स्तर की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में दिक्कत नहीं आए। बता दें कि मप्र स्कूल शिक्षा विभाग ने शासन से मान्यता प्राप्त स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों को प्रतिबंधित किया है।

पिछले साल कोर्स बदला था, इसलिए बिक्री ज्यादा थी

पाठ्यपुस्तक निगम के संभागीय डिपो के प्रभारी राजीव चौबे का कहना है कि मुमकिन है कि बाजार में पापुनि की किताबों की कॉपी बिकी हों। इसकी हम जांच करा लेंगे। जहां तक बिक्री कम होने की बात है तो उसका मुख्य कारण ये है कि पिछले साल बोर्ड की मुख्य कक्षाएं 8वीं और 10 वीं का कोर्स बदला था इसलिए विद्यार्थियों को नया सिलेबस खरीदना पड़ा। इसलिए बिक्री का आंकड़ा बढ़ गया था। विभागीय अधिकारियों के निर्देशानुसार इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी।

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