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स्वास्थ्य विभाग की जिस महिलाकर्मी का हीमोग्लोबिन सबसे अधिक, वह कहलाएगी आयरन लेडी : डाॅ. चाैहान
जिला अस्पताल में बुधवार, गुरुवार अाैर शनिवार काे की जा रही है जांच
मध्यप्रदेश शासन ने मार्च माह को महिला स्वास्थ्य माह के रूप में घोषित किया है। इसी क्रम में महिला स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 8 मार्च से 8 अप्रैल तक 6 प्रकार की जांचे कराई जा रही हैं।
यह बात डफरिन अस्पताल की प्रभारी डॉ. ज्योति चौहान ने जिला अस्पताल स्थित डफरिन अस्पताल में शुरू हुई जांच सुविधा के दाैरान कही। उन्होंने बताया कि 6 जांचों में हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, बच्चेदानी का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर एवं मुंह के कैंसर की जांच मुख्य हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लेकर सहायिका, सुपरवाइज एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जिस महिला कर्मचारी का हीमोग्लोबिन सबसे अधिक पाया जाएगा, उसे आयरन लेडी के खिताब से नवाजा जाएगा। जिले भर में करीब 8 हजार महिलाएं स्वास्थ्य विभाग के कामाें से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि महिला स्वास्थ्यकर्मी दूसरों का ध्यान रखते हैं, लेकिन स्वयं का ध्यान नहीं रख पातीं। इसीलिए शासन ने यह सुविधा शुरू की है। इसके तहत जाे विभिन्न जाचें कराई जा रही हैं, उनका उद्देश्य यही है कि जाे बीमारियां लास्ट में पकड़ में अाती हैं, उन्हें समय रहते पकड़ा जा सके अाैर जांच कराई जा सके। अायरन लेडी का खिताब सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के काम करने वाली महिला काे मिलेगा। जबकि इलाज काेई भी महिला कर्मचारी अाकर निशुल्क करा सकती हैं।
डाॅ. चाैहान ने बताया कि वीअाईए यानी कि विजुअल इंस्पेक्शन एंड एसिटिक एसिड एेसी जांच है, जिससे कैंसर से जुड़ी काेई संभावित बीमारी जाे 10 से 15 साल बाद हाेने वाली है, उसे पहले ही पकड़ा जा सकता है। यह स्क्रीनिंग टेस्ट है। इससे बीमारी का पूर्णत: निराकरण हाे सकता है। यह जांच हम वैसे भी 30 साल से ऊपर की सभी महिलाओं की करा लते हैं। परंतु अब सभी महिला कर्मचारियों की जांच की जार ही है। जिससे यदि किसी में काेई बीमारी हाे ताे समय से पहले उसकी जांच कराई जा सके।
वीअाईए जांच से 10 साल बाद हाेने वाली संभावित बीमारी भी पकड़ में अा सकती है
से नवाजा जाएगा। जिले भर में करीब 8 हजार महिलाएं स्वास्थ्य विभाग के कामाें से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि महिला स्वास्थ्यकर्मी दूसरों का ध्यान रखते हैं, लेकिन स्वयं का ध्यान नहीं रख पातीं। इसीलिए शासन ने यह सुविधा शुरू की है। इसके तहत जाे विभिन्न जाचें कराई जा रही हैं, उनका उद्देश्य यही है कि जाे बीमारियां लास्ट में पकड़ में अाती हैं, उन्हें समय रहते पकड़ा जा सके अाैर जांच कराई जा सके। अायरन लेडी का खिताब सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के काम करने वाली महिला काे मिलेगा। जबकि इलाज काेई भी महिला कर्मचारी अाकर निशुल्क करा सकती हैं।
Áस्वास्थ्य विभाग की सेवा से जुड़ी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, अाशा, सहायिका की भी हाेगी : बताया गया है कि पहले चरण में महिला दिवस के उपलक्ष्य में पुलिस लाइन में विभिन्न महिला पुलिसकर्मियों की यह जांच की जा चुकी है। इसके अलावा आगामी दिनाें में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सुपरवाइज, अाशा, सहयोगी अादि सभी महिलाकर्मियों की जांच कराई जाना है। ब्लाॅक स्तर पर भी हम एेसी जांचें करा रहे हैं। कलेक्टोरेट की सभी महिलाकर्मियों की जांच भी हाेना है। डफरिन में बुधवार, गुरुवार, शनिवार काे यह जांच कराई जा सकती हैं।
Áसभी महिलाकर्मी कराएं अपने स्वास्थ्य की जांच : एडीजे सक्सेना- विशिष्ट अतिथि एडीजे विधि सक्सेना थी। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अच्छी बात है कि जाे महिला स्वास्थ्यकर्मी दूसरों की सेहत का ख्याल रखती हैं, उनकी सेहत की जांच यहां पर कराई जा रही है। जिससे कि समय रहते बीमारी का पता लगाया जा सके। जरूरत पड़ने पर समय पर इलाज भी उपलब्ध हाे। उन्होंने सभी से इस अभियान में हिस्सा लेकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील की है। इस माैके पर सिविल सर्जन डॉ. वीएस तोमर, आरएमओ डॉ. विपिन खटीक, कैंसर विभाग के डॉ. आरसी मिश्रा, डॉ. विजय सुधिया, डॉ. एसएस ठाकुर, डॉ. मधु जैन, डॉ. आरएस जयंत, डॉ. डीके गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक एवं कर्मचारी माैजूद थे।