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करोड़ों रुपए की सड़कों का पहली बारिश में ही टूटा दम, उभरने लगे गड्ढे

कैंट एरिया में बीते दो साल में बनी सड़कों का दम टूटने लगा है। इनमें से दो सड़कें तो ऐसी हैं जो पहली ही बारिश नहीं झेल...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:01 AM IST
कैंट एरिया में बीते दो साल में बनी सड़कों का दम टूटने लगा है। इनमें से दो सड़कें तो ऐसी हैं जो पहली ही बारिश नहीं झेल पा रही हैं। इन सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बनना शुरु हाे गए हैं। डामर के साथ उपयोग किया गया कांक्रीट बाहर आने लगा है। इधर कैंट की पीडब्ल्यूडी शाखा इतना सब हो जाने क बावजूद हाथ पर हाथ रखे बैठी है। जिम्मेदारों का कहना है कि बारिश में तो ऐसा हो ही जाता है। सड़कें अभी वारंटी पीरियड में हैं, इसलिए मौसम खुलते ही ठेकेदारों रिपेयरिंग करा दी जाएगी। कैंट ने इन सड़कों को बनवाने में करीब 2.85 करोड़ रुपए खर्च किए थे।

अशोक रोड(पम्मा साहू कॉम्पलेक्स-पुराने आरटीओ ऑफिस तक)

कब बनी: मार्च 2018

लागत: 97 लाख रुपए

क्या हालत: जगह-जगह गड्ढे होना शुरु, कांक्रीट बाहर आया

जिम्मेदार का जवाब: ठेकेदार बृजेश शांडिल्य का कहना है कि मैंने केवल सड़क की केवल कारपेटिंग (डामरीकरण)की है।

गन हाउस रोड (कलेक्टर बंगला चौराहा-इम्मानुएल स्कूल तक)

कब बनी: मार्च 2018

लागत: 26 लाख रुपए

जिम्मेदार का जवाब: इस सड़क पर भी पानी के निकास की व्यवस्था नहीं कराई गई। अगर दाेनों तरफ नाली होती तो पानी नहीं ठहरता। सड़क भी खराब नहीं होती।

सदर बाजार रोड (कलेक्टर बंगला चौराहा- रेलवे गेट नंबर 26 तक)

कब बनी: डेढ़ साल पहले

लागत: 46 लाख रुपए

जिम्मेदार का जवाब: ठेकेदार पाल इंटरप्राइजेज के प्रतिनिधि मोनू पाल का कहना है कि सड़क कैसे खराब हुई, मैं क्या जवाब दूं। हो सकता है पूरी सड़क खराब हो गई हो।

माल रोड (सिविल लाइन के यातायात सिग्नल-कॉन्वेट स्कूल चौराहा तक )

कब बनी: जनवरी 2017 में

लागत: करीब 1.13 करोड़ रुपए

जिम्मेदार का जवाब: यह सड़क भी ठेकेदार कंपनी पाल इंटरप्राइजेज ने बनाई थी। ठेकेदार के प्रतिनिधि ने इस सड़क को लेकर भी कोई जवाब नहीं दिया।

सभी सड़कें गारंटी पीरियड में हैं, ठेकेदारों से रिपेयर कराएंगे

सड़कों की इन हालातों के बारे में कैंट के सब-इंजीनियर संजीवकुमार जैन का कहना है कि स्थिति बारिश के कारण हुई है। मौसम क्लीयर होते ही ठेकेदारों को चिट्ठी भेजकर रिपेयरिंग के लिए कहेंगे। ये सभी सड़कें वारंटी पीरियड में हैं। सड़कों के दोनों तरफ पानी की निकासी के संबंध में जैन कोई जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि आगामी समय में यहां नालियां बनवाना प्रस्तावित है।

..और क्षेत्र के पार्षद का यह कहना है

ये सभी सड़कें जब बन रही थी, तब स्थानीय पार्षद वीरेंद्र पटेल ने विरोध जताया था। सड़कों की इस दशा को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक नालियां नहीं बनेंगी तब यही हालत रहेंगे। इसके लिए ठेकेदार के साथ-साथ कैंट के पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भी जवाबदार हैं।