--Advertisement--

बिना बिजली के चलेगी वॉशिंग मशीन, खाना पकते ही अपने आप बंद हो जाएगा गैस चूल्हा, छात्रों ने बनाया जुगाड़ वाले इनोवेशन

सागर न्यूज: बच्चों ने अपने आइडिया से बनाया ऐसा हेलमेट जो रात में देगा रोशनी

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2019, 07:44 PM IST

सागर। 22 कमरे। 324 मॉडल। इतने ही बाल वैज्ञानिक। कोई परंपरागत पवन चक्की के मॉडल लिए था तो कोई रेन वाटर हार्वेस्टिंग के। कचरा प्रबंधन से लेकर सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरणों के मॉडल भी मौजूद थे। मौका था इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2018-19 की जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का। एमएलबी स्कूल क्रमांक-1 में हुए इस आयोजन में संभाग के सभी जिलों के बाल वैज्ञानिक शामिल हुए। पहले दिन जो मॉडल देखने को मिले, उनमें से कई ऐसे भी रहे, जिन्होंने न सिर्फ निर्णायकों बल्कि यहां आने वाले स्कूली शिक्षकों एवं अन्य लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

बच्चों के इन मॉडल में वर्तमान की आपाधापी के विकल्प दिखे तो भविष्य की चिंता को कम करने वाले आइडिया भी। दो छात्रों ने हेलमेट मॉडल बनाया जो दिन में सूर्य से चार्ज होगा तो रात में उससे बल्ब भी जलेगा। इसी प्रकार एक छात्र ने नदी से अपने आप कचरा एकत्र करने वाला प्लास्टिक कचरा कलेक्टर भी बनाया। अपने आप बंद होने वाले गैस चूल्हे से लेकर बिना बिजली की चलने वाली वॉशिंग मशीन के मॉडल भी विद्यार्थियों ने लगाए थे, जिन्होंने सभी को आकर्षित किया।

बिना बिजली चलने वाली वॉशिंग मशीन


- कैसे काम करेगा : इसमें पैडल लगे रहेंगे। साइकिलिंग करने पर चार्ज होकर मशीन चलेगी।
- फायदा : बिजली की जरूरत नहीं। बिल से मुक्ति। साइकिलिंग करते हुए एक्सरसाइज भी होगी।
- इन्होंने बनाया : ओम श्रीवास्तव, महुआखेड़ा, सागर

मॉडल: प्लास्टिक कचरा कलेक्टर


- कैसे काम करेगा : नाव में लगा देने पर पानी में स्वत: चलेगा।
- फायदा : तालाब-नदी आदि में जो भी कचरा रहता है, उसे एकत्र करेगा। इससे जलाशय साफ रहेगा।
- इन्होंने बनाया : जयकुमार-राजकिशोर पटेल, जैसीनगर, सागर


मॉडल: सौर हेलमेट


- कैसे काम करेगा : यह धूप से चार्ज होगा।
- फायदा : रात में बल्ब जलेगा। जो रात में काम आएगा, विशेषक किसान के लिए खेल-खलिहान में।

- इन्होंने बनाया : शिवानी राजपूत, दमोह


मॉडल: टाइम वाला गैस चूल्हा

- कैसे काम करेगा : घड़ी में समय तय करना पड़ेगा। पहले बीप देगा, फिर स्वत: बंद होगा।
- फायदा : पूरा ध्यान गैस चूल्हे पर ही नहीं देना होगा। इससे समय और रसोई गैस दोनों की बचत होगी।
- इन्होंने बनाया : प्रांजल नेमा, कर्रापुर, सागर


दैनिक जीवन के लिए विज्ञान आवश्यक है : अपर कलेक्टर


मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर तन्वी हुड्डा ने कहा कि दैनिक जीवन के लिए विज्ञान अवाश्यक है। विज्ञान से न केवल अपना बल्कि पूरे देश का नाम विश्व में रोशन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेनपानी स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडल आज की आवश्यकता हैं।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत सीईओ चंद्रशेखर शुक्ला ने कहा कि बच्चा बचपन से ही अपने मार्गदर्शन मिलने के हिसाब से अपना भविष्य सुनिश्चित कर लेता है। एनआईएफ नई दिल्ली से आए ऑब्जर्वर आशुतोष शुक्ला ने कहा कि इतनी ठंड होने के बावजूद भी ये बाल वैज्ञानिक पूरे उत्साह से अपना कार्य कर रहे हैं। निर्णायक मंडल में सागर विवि के प्रो. आशीष वर्मा, मकरोनिया कॉलेज की डॉ. नीरा सहाय एवं अग्रणी कॉलेज की डॉ. इमराना सिद्दीकी शामिल थीं।

X
Astrology