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टपकते शिक्षक सदन में बरसाती लगाकर रहने को मजबूर विद्यार्थी, बारिश ज्यादा हो तो लाइब्रेरी में गुजरती है रात

घर छोड़कर पढ़ाई के लिए दूर-दराज के हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों को मुश्किलों में रहकर पढ़ने मजबूर होना पड़ रहा...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:06 AM IST
घर छोड़कर पढ़ाई के लिए दूर-दराज के हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों को मुश्किलों में रहकर पढ़ने मजबूर होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जिले के ग्रामीण अंचल के हॉस्टल तो ठीक एक्सीलेंस स्कूल के अस्थाई हॉस्टल तक के हाल बेहाल हैं। जिस शिक्षक सदन में जिले के चुनिंदा होनहार विद्यार्थियों को ठहरने की व्यवस्था की गई है, वहां ऐसे हाल हैं कि टपकती छत के नीचे बरसाती लगाकर रखी गई है। इसके बाद भी पानी लगातार टपकता रहता है। जिस दिन रात में भी बारिश हो तो विद्यार्थियों को स्कूल की लाइब्रेरी में रात गुजारना पड़ती है। इसके बाद भी ये होनहार विद्यार्थी मजबूरी में यहां रह रहे हैं। इसकी दो वजह हैं कि शहर में रहने का खर्च नहीं उठा पाना और यह उम्मीद की एक्सीलेंस स्कूल में पढ़ने से शायद भविष्य संवार जाएगा।

पंडापुरा छात्रावास में करंट फैलने का डर, शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं : पंडापुरा स्थित अंध-मूक - बधिर शाला के छात्रावास के हाल सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां दिव्यांग छात्र रहते हैं। दो कमराें में अधिकतम 100 विद्यार्थियों की क्षमता है। इसके बाद भी यहां पर 130 से ज्यादा विद्यार्थियों को ठूस कर रखा गया है। 100 विद्यार्थियों के राशन में ही 150 का गुजारा हो रहा है। यहां पर बिजली के स्विच खुल पड़े हैं। पुराने होकर टूट गए हैंं। ऐसे में हर समय यहां करंट फैलने का डर बना ही रहता है।

शिक्षक सदन

पोस्टमैट्रिक छात्रावास में छत-दीवार सभी जगह से आ रहा पानी, अच्छा खाना भी नहीं मिलता

खुरई के अजा-अजजा विभाग के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में छत और दीवारों से पानी आ रहा है। इसके चलते यहां रहने वाले विद्यार्थी बेहद परेशान हैं। उनके कपड़े भी भीग जाते हैं। अन्य सामान भी पानी लगने से खराब हो जाता है। इसके साथ ही यहां पर अच्छा खाना नहीं मिलने की समस्या भी है। हॉस्टल प्रबंधन का तर्क है कि हमने नपा को 5 लाख रुपए मरम्मत के लिए भिजवाए थे, लेकिन मरम्मत ही नहीं हुई।



पंडापुरा

छात्रावासों की यह स्थिति








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