सानावद

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हाईड्रो टेस्ट शुरू, मार्च 2019 से मिलेगी बिजली

केंद्र सरकार के खरगोन जिले के सेल्दा स्थित नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के वृहद ताप विद्युत परियोजना का...

Danik Bhaskar

Apr 01, 2018, 03:20 AM IST
केंद्र सरकार के खरगोन जिले के सेल्दा स्थित नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के वृहद ताप विद्युत परियोजना का शनिवार को हाईड्रो टेस्ट शुरू हुआ। इसमें उच्चतम पानी दबाव 443 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर बिना रिसाव के सफलतापूर्वक पहुंचाया गया।

लगभग एक हजार करोड़ के प्रोजेक्ट से मार्च 2019 से 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन होने लगेगा। यह देश की सबसे आधुनिक अल्ट्रा क्रिटिकल तकनीक पर आधारित संयंत्र होगा। इसमें कोयले से ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। पहली ईकाई का मार्च 2019 में काम शुरू कर देगी। एनटीपीसी सेल्दा प्लांट के कार्यकारी निदेशक सीके मंडल ने बताया ये परियोजना वर्तमान अन्य परियोजनाओं के मुकाबले सबसे कम भूमि पर आकार लेने के साथ ही उच्च कार्य क्षमता वाली परियोजना है। इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग होने से कम कोयले में अधिक ऊर्जा उत्पादन होगा।

कार्यकारी निदेशक का दावा, 1000 फीट ऊंची चिमनी कम धुंआ छोड़ेगी

2018 का चुनावी मुद्दा नहीं प्लांट

एक सवाल के जवाब में मंडल ने बताया प्लांट का काम अपने तय शेड्यूल से ही चल रहा है। यह कोई चुनावी मुद्दा नहीं है। इसके अलावा एनटीपीसी का 870 मेगावाट बिजली निर्माण का अपना सोलर प्लांट भी है। परियोजना उत्पादित बिजली का 50 प्रतिशत 660 मेगावॉट मप्र को तथा शेष 50 प्रतिशत अन्य राज्यों को उपलब्ध होगा।

कुछ किसानों का विरोध, 7 एकड़ अधिग्रहण बाकी

मंडल के मुताबिक कोयले की आपूर्ति एनटीपीसी की झारखंड स्थित पकरी बरवाडिह कोयला खदान से होगी। रेलवे लाइन विहिन इस क्षेत्र में एनटीपीसी कोयला परिवहन के लिए रेल लाइन डाल रहा है। सनावद से सेल्दा के बीच लाइन के लिए एनटीपीसी ने रेलवे को 487 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। परियोजना स्थल तक कोयले के परिवहन के लिए 38 किमी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। जिसकी कनेक्टिविटी सनावद रेलवे लाइन से होगी। 530 एकड़ के प्राेजेक्ट के लिए लगभग सारी जमीन अधिग्रहित कर ली गई है। दो-तीन किसानों का सात एकड़ अधिग्रहण मामला बोर्ड में अटका है। वे ज्यादा मुआवजा मांग रहे हैं।

सीके मंडल

भास्कर संवाददाता | खरगोन

केंद्र सरकार के खरगोन जिले के सेल्दा स्थित नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के वृहद ताप विद्युत परियोजना का शनिवार को हाईड्रो टेस्ट शुरू हुआ। इसमें उच्चतम पानी दबाव 443 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर बिना रिसाव के सफलतापूर्वक पहुंचाया गया।

लगभग एक हजार करोड़ के प्रोजेक्ट से मार्च 2019 से 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन होने लगेगा। यह देश की सबसे आधुनिक अल्ट्रा क्रिटिकल तकनीक पर आधारित संयंत्र होगा। इसमें कोयले से ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। पहली ईकाई का मार्च 2019 में काम शुरू कर देगी। एनटीपीसी सेल्दा प्लांट के कार्यकारी निदेशक सीके मंडल ने बताया ये परियोजना वर्तमान अन्य परियोजनाओं के मुकाबले सबसे कम भूमि पर आकार लेने के साथ ही उच्च कार्य क्षमता वाली परियोजना है। इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग होने से कम कोयले में अधिक ऊर्जा उत्पादन होगा।

विदेशी कोल में सल्फर, अपने ब्लॉक से लेंगे

योजना से जुड़े अफसरों का दावा है विदेशी कोयले का प्रोजेक्ट में इस्तेमाल नहीं होगा। इसमें सल्फर की मात्रा ज्यादा होती है। एनटीपीसी के सबसे निकट के झारखंड स्थित प्लांट से कोयला यहां पहुंचना है। इससे यह कम सल्फर छोड़ेगा। चिमनी की ऊंचाई भी एक हजार फीट रखी गई है। झारखंड के बाद छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक से कोयला पहुंचने लगेगा।

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