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मंडी केंद्र पर 3 दिन में 30 पंजीयन, 9 दिनों में 9800 का सत्यापन बाकी

गेहूं उपार्जन केंद्रों में रबी की फसलों का पंजीयन नहीं हो रहा है। िजन िकसानों को नए सिरे से पंजीयन कराना है, उन्हें...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:35 AM IST
गेहूं उपार्जन केंद्रों में रबी की फसलों का पंजीयन नहीं हो रहा है। िजन िकसानों को नए सिरे से पंजीयन कराना है, उन्हें सर्वर डाउन होने से गांव से शहर आकर परेशान होना पड़ रहा है। कई िकसान मायूस लौट रहे हैं। सरकार ने पहली बार मंडियों पर पंजीयन की व्यवस्था शुरू की है लेकिन तीन दिन में महज 30 किसानों के पंजीयन ही हो पाए।

िजले में िफलहाल गेहूं खरीदी के लिए इस सीजन में 9800 िकसानों का पंजीयन करना है। रबी फसल की खरीदी के िलए ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सहकारी समितियों को अधिकृत किया है। लेकिन यहां कर्मचारियों की हड़ताल से किसानों की मुश्किल को बढ़ा दिया। कई किसान स्थानीय केंद्र छोड़कर शहर में आ रहे हैं। शनिवार को सुबह सर्वर डाउन था। दोपहर बाद सर्वर की स्पीड ठीक हुई। जिले में पंजीयन के बाद 9800 किसानों का सत्यापन भी करना है। अब तक 34 हजार 820 किसानों के पंजीयन हो चुके हैं। 12 मार्च तक पंजीयन चलेंगे।

ऐसी है पंजीयन की िस्थति

34820 िकसानों ने कराया अब तक पंजीयन

पंजीयन के लिए किसानों की लगी भीड़। पंजीयक किसानों को समझाइश देते हुए।

हड़ताल के बाद यहां हो रहे पंजीयन

सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के बाद प्रशासन ने छह नए क्षेत्रों को पंजीयन का केंद्र बनाया है। इसमें खरगोन कृषि उपज मंडी, सनावद, भीकनगांव, करही, कसरावद और सेगांव शामिल हैं।

समय सीमा हो जाएगा पंजीयन

2000 रुपए प्रति िक्वंटल गेहूं के िमलेंगे भाव


1735 रुपए प्रति िक्वंटल खरीदा था िपछले वर्ष गेहूं

87 हजार मैट्रिक टन खरीदा था िपछले वर्ष गेहूं

पंजीयन के लिए ये जरूरी

समग्र आईडी, आधार कार्ड, पासबुक, ऋण पुस्तिका, मोबाइल नंबर।

किसानों ने बताई परेशानी



65 केंद्रों में िकया जा रहा था पंजीयन

मंत्री से पूछा- सहकारिता कर्मचारियों को कब मिलेगी राज्य शासन की मान्यता

प्रतिपक्ष उपनेता बाला बच्चन ने सोसायटी कर्मचारियों के लिए विस में किया सवाल

जिले सहित प्रदेशभर में 22 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे सहकारिता कर्मचारियों के लिए प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और विधानसभा मेंं प्रतिपक्ष उपनेता बाला बच्चन ने विधानसभा में जवाब मांगा है। बाला बच्चन ने पूछा है कि क्या राज्यमंत्री सहकारिता बताएंगे कि कृषि साख सहकारी संस्थाओं में कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के रूप में कब तक मान्यता दी जाएगी।

इस संबंध में क्या कार्रवाई की जा रही है। इनका जिला कैडर कब तक बनाया जाएगा। इन संस्थाओं में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को सेेवा नियम में कब तक लिया जाएगा। इनकी सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष कब लागू होंगी। शासन उचित मूल्य दुकानों को समूह को देने का निर्णय कब तक वापस लेकर पुन: समितियों को देने का निर्णय लिया जाएगा। 7 मार्च को जवाब मिल सकता है। मंत्री को 12 मार्च तक जवाब देना अनिवार्य है। खरगोन में 128 और 1200 कर्मचारी है। जबकि प्रदेश में 45 हजार सोसायटियां व 55 हजार कर्मचारी कार्यरत है।

धरना स्थल पर नारेबाजी के बाद कर्मचारियों ने रैली निकाली।

काले कपड़े पहनकर नवग्रह बाबा को दिया ज्ञापन

टैगोर पार्क में बैठे कर्मचारियों ने शनिवार को रैली निकालकर नवग्रह मंदिर में भगवान को ज्ञापन सौंपा। काले कपड़े पहनकर निकले कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष किशोर रघुवंशी, संजय गुप्ता, मनोज लाड़ ने बताया सीएम शिवराजसिंह चौहान दूसरे विभाग के कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर रहे हैं। हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि हमारा वेतनमान सहित अन्य सुविधाएं नाममात्र की है।