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बारिश थमते ही 1 हजार मेगावाट बढ़ी बिजली की डिमांड

तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश में बिजली की डिमांड में करीब एक हजार मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। इससे...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 05:11 AM IST
Sarni - बारिश थमते ही 1 हजार मेगावाट बढ़ी बिजली की डिमांड
तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश में बिजली की डिमांड में करीब एक हजार मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। इससे सतपुड़ा प्लांट की 8 नंबर इकाई को शुरू करना पड़ा। इकाई से उत्पादन भी शुरू हो गया है। 8 नंबर इकाई रिजर्व बेकिंग डाउन के कारण बंद थी। इस बीच ओवरहाल पर 7 नंबर इकाई को भी जल्दी बॉक्सअप कर लाइटअप करने की तैयारी है। दरअसल बारिश थमने के कारण हाईडल प्लांटों से उत्पादन कम होने के कारण यह स्थिति बनी है।

प्रदेश में पिछले सप्ताह तक औसतन 6 हजार मेगावाट की बिजली की मांग थी। इस कारण 26 अगस्त से प्लांट की 210 मेगावाट की 8 नंबर इकाई को बंद कर दिया था। 9 नंबर इकाई को बंद कर दिया था, लेकिन इसे बाद में शुरू कर लिया। बिजली की डिमांड बढ़ी तो 8 नंबर इकाई को भी सोमवार रात को लाइटअप किया। मंगलवार से इससे उत्पादन भी शुरू हो गया। प्रदेश में दो दिनों से बिजली की डिमांड औसतन 7 हजार मेगावाट या इससे ज्यादा ही है। प्लांट की 6, 8, 9, 10 और 11 नंबर इकाइयों से उत्पादन हो रहा है। कोयले का स्टॉक भी 1 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा है।

बिजली व्यवस्था

शुरू करनी पड़ी बंद 8 नंबर इकाई, 7 नंबर इकाई का भी ओवरहाल पूरा, आज से शुरू हो सकता है उत्पादन

बढ़ी गर्मी, बिजली की जरूरत भी ज्यादा

पिछले सप्ताह त्योहारों के कारण छुट्टियां और बारिश होने के कारण बिजली की डिमांड में कमी आई थी, लेकिन तीन दिनों से बारिश थमी हुई है। इससे उमस बढ़ गई है। वर्किंग दिन भी शुरू हैं। ऐसे में बिजली की डिमांड ज्यादा है। बड़ा कारण यह है बांधों में पानी का बहाव कम हो गया है। ऐसे में हाईडल (जल विद्युत) प्लांट बंद है। इससे थर्मल प्लांटों पर ज्यादा दारोमदार है। प्रदेश के चचाई, बिरसिंहपुर और खंडवा प्लांटों की भी इकाइयों से उत्पादन लिया जा रहा है।

एमडी ने ली अधिकारियों की मीटिंग, जानकारी मांगी

मुख्यमंत्री के सारनी दौरे को लेकर पावर जनरेटिंग कंपनी के एमडी अनूप नंदा और ईडी एचआर ने अधिकारियों की बैठक ली। सतपुड़ा प्लांट के चीफ इंजीनियर वीके कैलासिया, एडीशनल चीफ इंजीनियर 1 एसएम सोलापुरकर, एसीई सिविल संजय कुमार पेंडोर और अन्य अधिकारियों की मीटिंग लेकर स्थानांतरण के बाद प्लांट संचालन में आ रही दिक्कतों पर चर्चा की। सूत्र बताते हैं अधिकारियों ने कम स्टाफ को लेकर संचालन में आ रही दिक्कतों की बात प्रबंधन के सामने रखी है।

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