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मजदूर एक साथ अपने हक की लड़ाई लड़ें: नामदेव

पावर इंजीनियर्स एंड एम्प्लाइज एसोसिएशन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रांगण में मजदूरों का महासम्मेलन हुआ। शुरुआत...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 04:35 AM IST

मजदूर एक साथ अपने हक की लड़ाई लड़ें: नामदेव
पावर इंजीनियर्स एंड एम्प्लाइज एसोसिएशन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रांगण में मजदूरों का महासम्मेलन हुआ। शुरुआत भगवान विश्वकर्मा और मां भारती की पूजा के साथ हुई। मजदूर संघ के अध्यक्ष राकेश नामदेव, महामंत्री दीपक भुमरकर, बीएसएनएल से हेमराज देशमुख, बहन रीता विश्वास, कोमल सिंह एवं पीईईए के प्रदेश प्रचार सचिव सुनील सरियाम ने पूजन किया। ठेका मजदूर संघ अध्यक्ष राकेश नामदेव ने कहा क्षेत्र के सभी मजदूर एक साथ अपने अधिकार की लड़ाई लड़ें। महामंत्री दीपक भुमरकर ने कहा मजदूरों को मन से ठेकेदारों का डर निकालना होगा। अपने हक की लड़ाई को बिना डर के साथ लड़ेंगे तो सफलता मिलेगी। देशमुख ने कहा बीएसएनएल कंपनी में काम करते हुए करीब 17 वर्ष हो गए, लेकिन मजदूरी श्रम कानून के अनुसार नहीं मिल रही है। इसलिए हमें सभी ठेका मजदूरों को एकजूट होकर के अपने हक के लिए लड़ाई लड़ना होगा। मंच का संचालन कर रहे सुनील सरियाम ने कहा मजदूरों के महासम्मेलन के माध्यम से क्षेत्र के सभी मजदूरों को एक माला में पिरोने का काम किया जा रहा है। आगे भी ऐसे कार्य होंगे। महासम्मेलन के बाद रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम थाना प्रभारी महेंद्रसिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते समय र|ेश भुसुमकर, रामभरोस सियाराम, मनोज यादव, दीपेश सोनी, नरेंद्र, प्रहलाद मंडल, गुलाम जिलानी, रामकिशोर यादव, यूसुफ खान समेत अन्य मजदूर साथी उपस्थित थे।

आयोजन

ठेका श्रमिकों का हुआ महासम्मेलन, रैली निकाली, मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

सारनी। एसबीआई रोड पर सम्मेलन के बाद ठेका श्रमिक नारे लगाते हुए।

ये हैं मजदूरों की मांगें

ठेका मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित दर पर मजदूरी दें 8 घंटे से अधिक कार्य कराने पर अतिरिक्त मानदेय डब्ल्यूसीएल क्षेत्र में नई खदानें खोली जाएं सारनी में 660 मेगावाट की इकाई लगाई जाए समस्त ठेका मजदूरों के परिचय पत्र बनाए जाएं ठेका मजदूरों का ईपीएफ काटकर पावती प्रति माह मजदूरों को दें मजदूरों को उनका भुगतान बैंक खाते में किया जाए मजदूरों के साथ किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर प्रबंधन एवं ठेकेदार द्वारा सहायता राशि प्रदान की जाए ठेका मजदूरों द्वारा जायज मांगों को लेकर आवाज उठाने पर ठेकेदार द्वारा मजदूरों को बंद कर दिया जाता है, इस प्रणाली पर रोक लगे

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