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वेस्ट का बेस्ट उपयोग, कचरे से बनी खाद व सीवर के पानी से लहलहा रहे शहर के बगीचे

वेस्ट का बेस्ट उपयोग सारनी में हो रहा है। नगर पालिका द्वारा प्रायोगिक तौर पर तैयार की गई जैविक खाद अब बगीचों तक आ गई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 05, 2018, 04:40 AM IST

वेस्ट का बेस्ट उपयोग सारनी में हो रहा है। नगर पालिका द्वारा प्रायोगिक तौर पर तैयार की गई जैविक खाद अब बगीचों तक आ गई है। इससे पौधों को पौष्टिक पदार्थ मिल रहे हैं। तो वहीं पावर जनरेटिंग कंपनी के बगीचे सीवर लाइन से निकले पानी से लहलहा रहे हैं। यानी इसका बेहतरीन उपयोग हा़े रहा है। आने वाले दिनों में तो नगर पालिका जैविक खाद न्यूनतम दामों पर बेचेगी भी।

सतपुड़ा पावर प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों की कॉलोनियों से निकलने वाले वेस्ट वॉटर यानी सीवर लाइन के पानी का भी बेहतर उपयोग किया जा रहा है। पहले यह पानी सीधे सतपुड़ा डेम में जाकर इसे प्रदूषित करता था। इसके बाद कंपनी ने करोड़ों रुपए खर्च कर इसके लिए पूरे शहर में सीवर लाइन नेटवर्क तैयार किया। इस नेटवर्क के जरिए वेस्ट पानी को पाइप लाइन के जरिए एक स्थान पर एकत्रित कर इसे उपचारित कर वेस्ट अलग और पानी अलग किया जा रहा है। पानी को और शुद्ध कर शहर के बगीचों को सप्लाई किया जा रहा है। यानी यह बेहतर विकल्प है पानी के उपयोग का। दूसरी अच्छी बात यह है नगर पालिका ने 9 महीने पहले प्रायोगिक तौर पर शहर से निकलने वाले गीले कचरे से नाडेप खाद बनाने की तैयारी की थी। इस प्रयोग से निकली खाद अब बगीचों तक पहुंच गई है। नगर पालिका अपने पार्कों में इसे उपयोग कर रही है।

सारनी। नगर पालिका ने संजय निकुंज नर्सरी में खाद बनाने का काम करते कर्मचारी।

सारनी। शहर में बगीचों में वेस्ट वाटर और खाद मिलने के बाद हरे-भरे हो गए पेड़ और घास।

कचरे के उपयोग का विकल्प नाडेप

शहर से निकलने वाले गीले कचरे के निष्पादन का बेहतर विकल्प जैविक खाद है। इससे दोहरा फायदा मिल रहा है। कचरे के निपटान के साथ जैविक खाद भी मिल रही है। आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में खाद बनकर तैयार हो जाएगी। इसे किसानों को दिया जाएगा। परिषद की मंजूरी के आधार पर इसकी कम से कम दरें रखी जाएंगी। फिलहाल निकली खाद का उपयोग बगीचों में हुआ, इसके बेहतर परिणाम मिले हैं। कमल किशोर भावसार, प्रभारी सीएमओ, नपा सारनी

प्रायोगिक तौर पर शुरुआत हुई है

सीवर का पानी वेस्ट बह जाता था, इससे डेम प्रदूषित भी होता था। अब ट्रीटमेंट कर पानी का बेहतर उपयोग हो रहा है। हालांकि यहां प्रायोगिक तौर पर सबकुछ चल रहा है। जरूरी सुधार कर इसे अन्य बगीचों तक पहुंचाया जाएगा। खाद बनाने का काम भी शुरू किया जाएगा। वेस्ट का बेहतर उपयोग करने की तैयारी है। संजय पेंडोर, एडीशनल चीफ इंजीनियर सिविल सतपुड़ा प्लांट सारनी

सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के फायदे मिले, आने वाले दिनों में मिलेगी खाद भी

पावर जनरेटिंग कंपनी के सिविल विभाग ने शहर के शॉपिंग सेंटर में तीन साल पहले सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया था। इसके लिए सारे शहर में हर एक कंपनी के आवास को पाइप लाइन के जरिए जोड़ा है। शुरुआत में लोग परेशानी झेल रहे थे। सड़कें खराब, बदबू से परेशान थे, लेकिन अब इसके फायदे सामने आने लगे हैं। खराब पानी की निकासी और पानी का उपयोग भी हो रहा है। दूसरा फायदा यह मिलेगा आने वाले दिनों में सॉलिड वेस्ट से खाद भी तैयार होगा। यानी दोगुना फायदा इस ट्रीटमेंट प्लांट से मिलेगा।

नपा के नाडेप में तैयार हो रही खाद, किसानों को सस्ते दामों पर मिलेगी

नगर पालिका ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत गीले कचरे से खाद बनाने के लिए बड़े स्तर पर नाडेप तैयार किए हैं। ये ज्यादातर पार्कों के पास और संजय निकुंज नर्सरी में बनाए हैं। इन्हें तैयार होने में 6 से 8 महीने लगेंगे। इसके बाद बड़ी मात्रा में खाद बनकर तैयार हा़े जाएगी। नगर पालिका इसे किसानों को करीब लागत मूल्य पर देगी। यानी किसानों और नपा दोनों को फायदा मिलेगा। हालांकि खाद बनने की प्रक्रिया अभी चल ही रही है।

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