Hindi News »Madhya Pradesh »Sarni» डब्ल्यूसीएल के गोद ग्राम छतरपुर में 3 महीने पहले ही सूख गए नदी और कुएं

डब्ल्यूसीएल के गोद ग्राम छतरपुर में 3 महीने पहले ही सूख गए नदी और कुएं

वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के गोद ग्राम छतरपुर में गर्मी की शुरुआत होने से पहले ही पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 11, 2018, 04:45 AM IST

वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के गोद ग्राम छतरपुर में गर्मी की शुरुआत होने से पहले ही पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। गांव के तालाब जो जून महीने में सूखते थे उनमें अभी से पानी कम होने लगा है। प्रशासन आनन-फानन में पेयजल योजना शुरू तो कर रहा है, लेकिन इसे शुरू होने में समय लगेगा। गांव के कुओं का जलस्तर भी घट गया है। यानी आने वाले दिनों में समस्या बढ़ सकती है।

छतरपुर पंचायत इन दिनों पेयजल की समस्या से जूझ रही है। प्रशासन ने नल जल योजना प्रारंभ हो सके इसके लिए कुआं खुदवाना शुरू कर दिया है। मगर, इस कुएं में भी उतना पानी नहीं निकला, जितने की जरूरत थी। वहीं वेस्टर्न कोल फील्ड्स कंपनी के गोदग्राम होने बाद भी प्रबंधन ने यहां के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की है। यही कारण है कि जल स्तर इतना नीचे जा चुका है। कुओं में पानी इस महीने सूखने लगा है। वहीं मवेशियों के पीने योग्य पानी ही बचा है। जो तालाब जून में सूखते थे, वे इसी महीने सूखने की कगार पर हैं। अगर इस गांव का विकास वेस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड करना चाहती तो कब का मॉडल गांव बन चुका होता। कंपनी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। रॉयल्टी के करोड़ों रुपए खनिज विभाग लेता है, लेकिन खनिज प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए अधिकारियों का ध्यान नहीं है।

सारनी। छतरपुर गांव में तवा नदी का जलस्तर भी घटने लगा है। अगले एक महीने में यहां पानी सूख जाएगा।

ग्रामीण कोयला खदानें बंद करने के लिए आंदोलन करेंगे

लगभग 4 हजार की आबादी वाले पंचायत में बड़े जलाशय की मांग काफी दिनों से हो रही है। इसकी फाइल भी कलेक्टर ऑफिस जा चुकी है, लेकिन उदासीन रवैए के कारण योजना अटकी हुई है। उपसरपंच देवकराम काकोड़िया ने बताया पानी की समस्या का निराकरण नहीं होता है तो छतरपुर खदान 1 और 2 बंद करने के लिए आंदोलन करेंगे। वर्तमान में दोनों खदानों में डिप्लेरिंग चालू है और ऐसे में पूरा खनन करेंगे तो पानी का लेवल और नीचे चला जाएगा। डिप्लेरिंग के कारण जमीन में दरारें भी पड़ने लगी हैं। ग्रामीण बिजलसिंह सरयाम, शिवदीन सरयाम, मुकेश धुर्वे, मनोज, संजू आदि ने इस क्षेत्र में जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

खदान के कारण कम हो रहा पानी, परेशान हो रहे लोग

पूर्व सरपंच कैलाश वरकड़े ने बताया ऐसा पहली बार हुआ है जब कुएं और नदियां सूख रहे हैं। माइंस के कारण यहां का जलस्तर वैसे ही नीचे रहता है। इस साल अल्प वर्षा के कारण जल स्तर कम हो गया है। जिससे यहां खेती भी नहीं हो पाती है। अगर यहां पर बड़े जलाशय का निर्माण होता है तो किसी हद तक सभी खेती से जुड़ सकते हैं। सुनील सरयाम ने बताया पानी की समस्या से निपटने के लिए समीपस्थ तवा नदी से पाइप लाइन बिछाकर सप्लाई किया जा सकता है, परन्तु गांव से दूरी 1 किमी से ज्यादा है और लागत भी ज्यादा लग रही है। इस बार नदी में भी पानी पर्याप्त पानी नहीं है।

ग्रामीणों के लिए पेयजल योजना लाए हैं

गांव में ग्रामीणों की मांग पर पेयजल योजना लाई गई है। जल्द ही इससे यहां हर घर तक पानी सप्लाई हो जाएगा। डब्ल्यूसीएल के माध्यम से भी सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। चैतराम मानेकर, विधायक आमला, सारनी

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sarni

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×