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गांव में रोजगार नहीं, गेहूं काटने रायसेन जाने को मजबूर ग्रामीण

गांवों में रोजगार की कमी के कारण आदिवासी ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं। बाहर से आए दलाल श्रमिकों के पूरे के पूरे...

Dainik Bhaskar

Mar 07, 2018, 04:55 AM IST
गांव में रोजगार नहीं, गेहूं काटने रायसेन जाने को मजबूर ग्रामीण
गांवों में रोजगार की कमी के कारण आदिवासी ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं। बाहर से आए दलाल श्रमिकों के पूरे के पूरे गुट को लेकर जा रहे हैं। श्रमिक गेहूं कटाई के लिए बाहर ले जाए जा रहे हैं। छतरपुर समेत कई गांवों से श्रमिकों को बाहर ले जाया जा रहा है।

छतरपुर के मनोज वरकड़े ने बताया हर महीने यहां से रोजगार के लिए ग्रामीण पलायन कर रहे हैं। पंचायत में रोजगार के अभाव में जीवन यापन भी कठिन हो गया है। इस वर्ष कम बारिश व खेतों के नीचे माइंस होने के कारण जल स्तर काफी नीचे जा चुका है। यही वजह है की पानी के अभाव में खेती की तो बात दूर पीने को भी पानी नहीं है। कई बार रोजगार की तलाश में ग्रामीण जान तक गंवा चुके हैं और लापता भी हो चुके हैं। गांव के सुनील सरयाम ने कहा वर्तमान में रोजगार की कमी एक विकराल रूप ले रही है। ग्राम पंचायत में सैकड़ों ग्रामीणों ने रोजगार के लिए आवेदन दिया है, पर सरपंच की लापरवाही से वहां भी रोजगार नहीं मिला। वहीं वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के गोदनामा पंचायत होने के बाद भी कोई रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाया है। यहां के जनप्रतिनिधि भी चुप हैं। इसी का परिणाम है ग्रामीण पलायन कर रहे हैं। उपसरपंच देवकराम काकोडिया, मोहित, संजय, मुन्नालाल, धनराज आदि ने कहा जल्द ही रोजगार के लिए पलायन नहीं रुका तो चुनाव के समय विपरीत स्थिति निर्मित हो सकती हैं। मंगलवार को भी बाड़ी रायसेन के रामरतन साहू दलाल बनकर यहां आए और मजदूरों को ले गए।

सारनी। छतरपुर गांव से ग्रामीण रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं।

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