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सालभर का बजट पेश किया पर एक तिमाही की आय बताना ही भूली नपा, व्यय का कॉलम भी गायब

नगर पालिका में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक का आय-व्यय का लेखा-जोखा समग्र कर बजट तैयार किया जाता है, लेकिन सारनी नगर पालिका...

Dainik Bhaskar

Apr 06, 2018, 05:45 AM IST
सालभर का बजट पेश किया पर एक तिमाही की आय बताना ही भूली नपा, व्यय का कॉलम भी गायब
नगर पालिका में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक का आय-व्यय का लेखा-जोखा समग्र कर बजट तैयार किया जाता है, लेकिन सारनी नगर पालिका ने एक तिमाही की वास्तविक आय का कॉलम ही गायब कर दिया। वास्तविक व्यय का कॉलम भी नहीं है। विडंबना की बात यह है 28 मार्च को नगर पालिका पीआईसी की बैठक में भी इसे पीआईसी सदस्यों ने बिना पढ़े ही पारित कर दिया। हालांकि बुधवार को बहिष्कार के कारण यह पारित नहीं हो पाया। अब उपाध्यक्ष और विपक्ष के सभी पार्षद नया बजट तैयार करने की मांग पर अड़े हैं।

नगर पालिका ने 28 मार्च को पीआईसी की बैठक में 2018-19 बजट को प्रारंभिक मंजूरी के लिए रखा। बिना किसी विवाद के यहां बजट पारित भी कर दिया। नियमानुसार बजट में सारी जानकारी 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच की होनी चाहिए। मगर, इसमें वास्तविक आय की जानकारी 31 दिसंबर 2017 तक दी गई। जबकि इसे भी 31 मार्च 2018 तक दिया जाना चाहिए। यानी एक पूरी तिमाही की जानकारी ही गायब कर दी। इससे सदस्यों को सही जानकारी ही नहीं मिल पाई। हालांकि गत वर्ष की प्रस्तावित आय और आगामी वर्ष की अनुमानित आय की जानकारी 31 मार्च तक की ही दी गई। वास्तविक आय की जानकारी अधूरी दिए जाने की बात को बजट का अवलोकन करने के बाद नगर पालिका उपाध्यक्ष भीम बहादुर थापा ने पकड़ा। उन्होंने बताया यह अधूरा बजट है। दुर्भाग्य की बात है कि नपा की पीआईसी ने इसे पारित भी कर दिया।

गारबेज के लिए बजट में 40 लाख का प्रावधान, जबकि क्लस्टर व्यवस्था बननी है

नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष संजय अग्रवाल, पार्षद बंडू माकोड़े समेत अन्य लोगों ने बताया गारबेज के लिए नगर पालिका ने बजट में 40 लाख से ज्यादा का बजट तैयार किया है। स्वच्छता शाखा के लिए कुल मिलाकर 4.70 करोड़ का बजट है। जबकि शहर में कोई ट्रेचिंग ग्राउंड ही नहीं है। फिर गारबेज पर 40 लाख का बजट क्यों। उन्होंने कहा सीएमओ भी बता चुके हैं गारवेज डिस्पोजल के लिए जिले में क्लस्टर व्यवस्था होगी। यानी बजट में कई मदें बिना सोचे जोड़ी गईं हैं।

पार्षदों को ही नहीं रहती आय-व्यय की जानकारी

बजट के अनुसार नगर पालिका को 31 दिसंबर तक 17.17 करोड़ की ही आय हो पाई। जबकि असली वसूली जनवरी से मार्च के आखिरी तक होती है। इसका कहीं भी हिसाब-किताब नहीं दिया। इसके अलावा खर्च की गई राशि की जानकारी भी बजट में शामिल नहीं है। इसे लेकर अब विरोध शुरू हो गया है। जबकि पिछली पीआईसी की बैठक में मैंबर संतोष देशमुख इसकी मांग कर चुके हैं।

सारनी। बुधवार को परिषद की बैठक में बजट पर चर्चा ही नहीं हुई।

अब आगे क्या... परिषद ने मंजूरी दी तो ठीक, नहीं तो बजट पीआईसी का मान लिया जाएगा

नगर पालिका अधिनियम के तहत सालाना बजट हर हाल में 1 अप्रैल से लागू मान लिया जाता है। परिषद में रखे जाने का मतलब यह है इसमें छोटे-मोटे परिवर्तन हो जाएं। मगर, परिषद मंजूरी न दे या बहिष्कार जैसी स्थिति हो तो एक मौका और दिया जाएगा। अगली परिषद में इस पर चर्चा नहीं होती तो इसे पीआईसी का बजट मानकर लागू कर दिया जाएगा। विकास कार्य रुकेंगे नहीं।

पूरा लेखा-जोखा ही नहीं, पारित नहीं हो सकता बजट


अधिनियमों के अनुसार बना है बजट


देखिए... किस पर कितना

होगा व्यय











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