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बजट की जानकारी पहले नहीं दिए जाने से नाराज भाजपा पार्षदों ने उपाध्यक्ष समेत किया सम्मेलन का बहिष्कार

सारनी। सम्मेलन के दौरान भाजपा के नगर पालिका उपाध्यक्ष और पार्षदों ने खड़े होकर विरोध किया। भाजपा के खिलाफ में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 05, 2018, 06:45 AM IST

सारनी। सम्मेलन के दौरान भाजपा के नगर पालिका उपाध्यक्ष और पार्षदों ने खड़े होकर विरोध किया।

भाजपा के खिलाफ में अाए विरोधी पार्षद, बोले एजेंडे का विरोध

बैठक में उद्योग बचाओ नगर बचाओ समिति ने ज्ञापन के आधार पर भाजपा के पार्षद ने बैठक का विरोध कर बहिष्कार किया। कांग्रेसी और निर्दलीय पार्षदों ने इसे भाजपा का स्टंट बताया। कांग्रेस पार्षद एवं निर्दलीय पार्षदों ने इस प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया वहीं कांग्रेस की एकमात्र पार्षद रुखसाना शमशेर आलम ने भी विरोध कर बहिष्कार किया। कांग्रेसी पार्षदों एवं पीआईसी के सभी निर्दलीय पार्षदों ने कहा उक्त प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर शासन को भेजा जाना चाहिए था। नगर पालिका अध्यक्ष आशा भारती ने कहा भाजपा के पार्षदों का परिषद में बहुमत है इसी का वे फायदा उठा रहे हैं। जबकि शहर के विकास का प्रस्ताव दलगत राजनीति से परे होना था। यदि शहर बचता है और शहर में उद्योग स्थापित होते हैं तो कहीं ना कहीं बेरोजगारों को रोजगार तथा व्यापारियों को व्यापार में सफलता मिलती। भाजपा के पार्षद ऐसा नहीं चाहते जो राजनीति से प्रेरित लगता है। इस अवसर पर सुखदेव वामनकर, अजय साकरे, संतोष देशमुख, शांतिलाल पाल, मनोज वागद्रे, नेहरु बेले, पूनम भारती, अनीता बेलवंशी, लक्ष्मी गोहे, संगीता कापसे, शकुंतला पाटिल, सायरा बानो आदि ने भाजपा के इस कृत्य का विरोध किया।

भाजपा पार्षदों के 6 बिंदुओं का मांगपत्र एजेंडे में नहीं, उद्योग बचाओ समिति को किया शामिल

परिषद की बैठक के बहिष्कार का मूल कारण एजेंडे में भाजपा पार्षदों के 6 बिंदुओं का मांगपत्र शामिल नहीं किया जाना है। जबकि नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से उद्योग बचाओ, नगर बचाओ समिति के प्रस्ताव को शामिल कर लिया गया। कुल मिलाकर इसी मुद्दे से भाजपा के पार्षद नाराज थे। आखिर में उन्होंने बहिष्कार कर दिया।

भाजपा कार्यालय में परिषद की बैठक के पहले आपात मीटिंग, फिर नपा में हंगामा

परिषद की मीटिंग के पहले सुबह 11 बजे से भारतीय जनता पार्टी के मंडल कार्यालय में भाजपा पार्षदों और जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। भाजपा के जिला मंत्री रंजीत सिंह, मंडल अध्यक्ष सुधा चंद्रा, नगर पालिका उपाध्यक्ष भीम बहादुर थापा और नेता प्रतिपक्ष संजय अग्रवाल समेत अन्य लोगों की मौजूदगी में बहिष्कार जैसे मुद्दे पर चर्चा हुई।

सम्मेलन का बहिष्कार करने के बाद नपा उपाध्यक्ष नपा के बाहर प्रदर्शन करते।

ऐसा था नगर पालिका का बजट, जो पास ही नहीं हो सका

अनुमानित आय 5652.40 लाख

पूर्व की शेष राशि 2000 लाख

कुल योग 765240.40

अनुमानित व्यय 7498.50 लाख

संचित निधि 20 लाख

कुल व्यय 7518.50 लाख

कुल बचत 133.90 लाख

कुल योग 7652.40 लाख

विरोध के ये थे चार कारण

1 अध्यक्ष और चहेतों को कम दरों पर टेंडर देकर लाभ पहुंचाना।

2 पीआईसी की कार्रवाई से परिषद को अवगत नहीं कराना।

3 बजट की जानकारी पार्षदों को दिए बगैर इसे परिषद में रखना।

4 पार्षदों की मर्जी के बगैर परिषद की बैठक में एजेंडे रखना।

इनकी 6 सूत्रीय मांग को बजट में रखा था

पार्षद सम्मेलन के पहले बजट की कॉपी देने की मांग को लेकर अड़े थे। हालांकि ऐसा प्रावधान नहीं है, लेकिन उन्हें कॉपी दे दी गई है। वे अपनी 6 सूत्रीय मांगों को एजेंडे में शामिल नहीं किए जाने से नाराज थे। इन मांगों को बजट में रखा था, लेकिन पार्षद रुके नहीं और बहिर्गमन कर दिया। बजट के लिए दोबारा सम्मेलन किया जाएगा। पवन कुमार राय, सीएमओ, नपा सारनी

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