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अभावग्रस्त जीवन में भी टंट्या भील ने की देश की सेवा: सरियाम

छतरपुर में मनाई टंट्या भील की जयंती भास्कर संवाददाता| सारनी छतरपुर गांव में रोबिन हुड टंट्या भील की जयंती...

Dainik Bhaskar

Apr 05, 2018, 06:45 AM IST
छतरपुर में मनाई टंट्या भील की जयंती

भास्कर संवाददाता| सारनी

छतरपुर गांव में रोबिन हुड टंट्या भील की जयंती मनाई। ग्रामीणों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। बच्चों को टंट्या भील के जीवन के संबंध में जानकारी दी। शुरुआत यहां के पंचायत भवन में टंट्या भील के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। युवा समाजसेवी सुनील सरियाम ने उनकी जीवनी पर बात करते हुए कहा खंडवा जिले की पंधाना तहसील के बड़दा में सन 1842 के करीब भाऊसिंह के यहां टंट्या का जन्म हुआ था। पिता ने टंट्या को लाठी-गोफन व तीर-कमान चलाने का प्रशिक्षण दिया। टंट्या ने धनुर्विद्या में दक्षता हासिल कर ली। लाठी चलाने और गोफन कला में भी महारत प्राप्त कर ली। सरियाम ने कहा टंट्या के जीवन से सभी आदिवासियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। वे अभावग्रस्त जीवन के बाद भी देशसेवा में अव्वल रहे। मुकेश धुर्वे ने कहा टंट्या भील आदिवासियों के लिए प्रेरणा हैं। आज के दौरे में युवाओं को त्याग और बलिदान की जरूरत है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच कैलाश वरकड़े, दिलीप वरकड़े, सुखलाल, कृतिका, मोनिका राठौर आदि लोग उपस्थित थे।

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