Hindi News »Madhya Pradesh »Sarni» ट्रेड यूनियनों की दोबारा सदस्यता का अभियान 16 मार्च से 12 अप्रैल तक

ट्रेड यूनियनों की दोबारा सदस्यता का अभियान 16 मार्च से 12 अप्रैल तक

श्रम संगठनों के बीच चल रहे आंतरिक विवाद के बाद कोर्ट के आदेश पर अब ट्रेड यूनियनों की दोबारा सदस्यता होगी। प्रबंधन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 08:40 AM IST

श्रम संगठनों के बीच चल रहे आंतरिक विवाद के बाद कोर्ट के आदेश पर अब ट्रेड यूनियनों की दोबारा सदस्यता होगी। प्रबंधन ने इसकी तारीखें घोषित कर दी है। 16 मार्च से सदस्यता और 12 अप्रैल से वेरीफिकेशन होगा। इंटक के पक्ष में 31 जनवरी को उच्च न्यायालय का निर्णय आया था। इसके बाद डब्ल्यूसीएल मुख्यालय नागपुर से औद्योगिक संबंध कार्मिक के दिशा निर्देशों अनुसार सभी कोयला क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधकों को पत्र लिखा है।

इंटक संगठन द्वारा डब्ल्यूसीएल मुख्यालय में 5 मार्च तक सदस्‍यता पर्ची सत्यापन के लिए जमा की जाएंगी वहां उस पर जीएम आईआर की सील लगकर 15 मार्च को लौटा दी जाएगी 16 से 30 मार्च तक सदस्यता अभियान चलेगा। इसे 31 मार्च सुबह 10.30 तक अपने-अपने खदान और एरिया मुख्यालय में जमा कर सकते हैं। इसी दिन प्रबंधन जांच कर नोटिस बोर्ड पर डबल या ट्रिपल सदस्‍यता वालों के नाम 12 अप्रैल तक प्रदर्शित करेगा। इसके बाद प्रबंधन 13 से 20 अप्रैल के बीच सत्यापन का कार्य करेगा। इस बार डबलिंग की जो लिस्ट नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित होगी उस पर संबंधित संघ के अध्यक्ष और सचिव के दस्तखत भी करने जरूरी होंगे।

इस बार खास दिशानिर्देश दिए हैं जो सदस्य वेरीफिकेशन में उपस्थित नहीं होगा उसका लिखित वेरीफिकेशन मान्य नहीं होगा। जानकारी देते हुए क्षेत्र के महामंत्री दामोदर मिश्रा ने बताया आखिरकार इंटक संगठन को बाहर रखने की प्रबंधन की नीयत पर उच्च न्यायालय ने पानी फेर दिया। केंद्रीय महामंत्र एस क्यू जमा के अथक प्रयासों से संघ से जुड़े कामगारों की जीत हो सकी। अध्यक्ष आरके चिब और कार्यकारी अध्यक्ष मो.आशिक खान ने कहा इंटक फिर से बड़ा संगठन बनकर उभरेगा। प्रवक्ता जीसी चौरे ने बताया न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय अनुसार बाध्य प्रबंधन इस बार सभी संघों की फिर मैंबरशिप करवाकर, सत्यापन करवा रही है यह कामगारों और मजदूरों की जीत है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sarni

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×