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शहर को बचाने महिलाएं भी भूख हड़ताल पर बैठीं

सारनी। बुधवार को काफी संख्या में महिलाएं धरने पर बैठीं। उद्योग बचाओ, नगर बचाओ समिति की क्रमिक भूख हड़ताल 9वें दिन...

Danik Bhaskar

May 10, 2018, 04:05 AM IST
सारनी। बुधवार को काफी संख्या में महिलाएं धरने पर बैठीं।

उद्योग बचाओ, नगर बचाओ समिति की क्रमिक भूख हड़ताल 9वें दिन भी जारी

भास्कर संवाददाता | सारनी

उद्योग बचाओ, नगर बचाओ समिति के आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है। अब महिलाएं भी इस आंदोलन से जुड़ रहीं हैं। बुधवार को शहर की महिलाओं ने 24 घंटे की भूख हड़ताल कर नगर के अस्तित्व को बचाने योगदान दिया। मंगलवार रात को सभी संगठनों की बैठक धरना स्थल पर हुई। इसमें शहर के पुनर्निमाण पर विचार-विमर्श हुआ। जय स्तंभ चौक पर चल रही क्रमिक भूख हड़ताल की जानकारी होने के बाद प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी खोज, खबर लेने नहीं पहुंचा। बुधवार को महिलाओं ने आंदोलन को समर्थन दिया। इसमें क्रमिक भूख हड़ताल पर रुकसाना बानो, आशा निरापुरे, कविता गुप्ता, उषा देवी, मुन्नी शाह, सुबह 9 बजे से धरना स्थल पर बैठीं। महिलाओं का स्वागत कामरेड रामा वाईकर, रामू पवार, गंगाधर चढ़ोकार ने किया। धरना स्थल पर संगीत डेहरिया, पार्षद शिवकली नर्रे, उषा असाटी, माया वर्मा, कमला देवी, महेंद्र कौर, ममता साहू, लक्ष्मी गोहे, उषा किसन सिंह, मुन्नी साहू, ममता देशमुख, वैशाली रोतिया, नसरीन कुरैशी, बलजीत कौर भी पहुंचीं।

बैठक में आंदोलन सतत रखने का आह्वान

धरना स्थल पर आंदोलन की रणनीति के लिए बैठक आयोजित की। इसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। संयोजक कृष्ण मोदी, रामा वाईकर, मो. इलियास पार्षद संतोष देशमुख, राकेश महाले, राजेश कुट्टी ने कहा आंदोलन को घर-घर की आवाज बनाने के लिए शहर के हर घर तक पहुंचा जाएगा। इसके बाद कभी भी बेमुद्दत भूख हड़ताल की जा सकती है। सभी ने एक स्वर में कहा शहर का पुनर्निमाण होना जरूरी है।

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