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तेंदुए का डर : गर्मी में गांव के हर घर के बाहर जलाया अलाव, नहीं आया तेंदुआ

बुधवार रात ढोकली रैयत गांव में तेंदुए की हमले से एक बालिका के घायल होने के बाद पूरा गांव डरा हुआ है। गुरुवार को दिन...

Danik Bhaskar | May 05, 2018, 04:30 AM IST
बुधवार रात ढोकली रैयत गांव में तेंदुए की हमले से एक बालिका के घायल होने के बाद पूरा गांव डरा हुआ है। गुरुवार को दिन भर गांव में वन विभाग के अधिकारियों का सर्वे चला तो रात भर ग्रामीणों ने रतजगा किया। गर्मी होने के बाद भी हर घर के बाहर अलाव जल रहे थे। इसलिए कि आग देखकर तेंदुआ गांव में ना आए। वन विभाग के अधिकारी जहां से जंगल की ओर से तेंदुआ गांव में आता है वहां पिंजरे के भीतर बकरी का बच्चा बांधे बैठे थे। लेकिन तेंदुआ अभी भी पकड़ से बाहर है। सारनी से 13 किमी दूर ढोकली रैयत गांव में आदिवासी और कोरकू परिवारों की कुल 800 की आबादी है।

ये क्षेत्र सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मेलघाट सेक्शन में आता है। लिहाजा आस-पास के हिस्सों में वन्य जीवों का मूवमेंट सतत रहता है। ढोकली रैयत पूरी तरह से जंगल से घिरा है। बुधवार को नंदलाल उइके की 12 वर्षीय पुत्री सशीला पर तेंदुए ने हमला किया था। हालांकि दादी फूलवती ने उसे बचा लिया। अब वन विभाग जिला अस्पताल में उसका उपचार करा रहा है। बड़ा सवाल यह है गांव में तेंदुआ घुस आया और वन विभाग को खबर तक नहीं थी। जबकि गश्त करने वाले अधिकारियों को इसकी जानकारी होनी चाहिए थी। गांव में पहले ही मुनादी की जानी चाहिए थी। मगर, हुआ उलट। उत्तर वन मंडल क डीएफओ राखी नंदा घटना होने के बाद टीम के साथ यहां पहुंची और तेंदुए के पगमार्क देखे। यदि पहले तेंदुआ होने की जानकारी लग जाती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। गांव में बिजली गुल होने और गर्मी तेज होने के कारण लोग घरों के बाहर सोते हैं। बुधवार रात का हादसा भी इसी दौरान हुआ।

सारनी। तेंदुए के गांव में आने वाले रास्ते पर वन विभाग ने पिंजरा लगाकर रखा।

तेंदुआ पकड़ने पिंजरे में बांध रखी बकरी, सांप आ गया

वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए को पकड़ने पिंजरे को पत्तियों से ढांककर रखा था, जिसके अंदर बकरी बांध दिया था। रेंज ऑफिसर विजय बारस्कर और स्टाफ रात भर यहां बैठा रहा। मगर, सुबह तक तेंदुआ नहीं आया। सुबह जब इसे देखने वन अधिकारी यहां पहुंचे तो पिंजरे में एक सांप जरूर दिखाई दिया जो पिंजरा खोलते ही भाग गया।

आग जलाकर बिताई रात

बालिका सशीला पर हमले के बाद फिर तेंदुए के आने से आशंकित ग्रामीणों ने रात भर जागरण किया। गांव में शादी का कार्यक्रम होने के कारण अधिकतर घरों के सामने आग जल रही थी। गांव के मनोहर, वन चौकीदार छगन उइके ने बताया ग्रामीण इससे डरे हुए हैं।

घर के आंगन में आ जाते हैं भालू

ग्रामीणों ने बताया सघन वनक्षेत्र होने के कारण घरों के आंगन में भालू (रीछ), मोर और सांभर जैसे प्राणी आ जाते हैं। दो साल पहले राजेगांव खापा में भालू ने एक बालक का शिकार किया था। इसके बाद से कोई घटना नहीं हुई। राजेगांव के सालकराम, ढोकली के मनोहर समेत अन्य लोगों ने बताया रात को लोग इसी कारण घरों से नहीं निकलते हैं।

पगमार्क मिले, तेंदुए की खोज जारी हैं


लोनिया में तेंदुआ सूंघ रहा था लोगों के पैर, शोर मचाने पर भागा

बैतूल| बुधवार रात डोकली रैयत गांव में घर में सो रही एक बच्ची पर तेंदुए ने हमला किया था। इसके 24 घंटे के बाद डोकली रैयत से सटे लोनिया में एक बार फिर तेंदुए ने दस्तक दी। एक घर के बरामदे में सो रहे लोगों के पैर तेंदुआ सूंघ रहा था इसी दौरान उनकी नींद खुल गई और उन्होंने शोर मचाया तो तेंदुआ भाग गया। इसकी सूचना उन्होंने डिप्टी रेंजर शिवकुमार उइके को दी। इसके बाद वन विभाग ने इस क्षेत्र में जांच करवाई तो तेंदुए के पगमार्क मिले। इसे देखते हुए वन विभाग ने डोकली रैयत और लोनिया समेत इससे सटे सभी गांवों में मुनादी करवाकर अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने और तेंदुए के दिखते ही सूचना वन अमले को देने की हिदायत दी है। डीएफओ उत्तर वनमंडल राखी नंदा ने बताया लोनिया गांव में तेंदुए के आने की बात कुछ लोगों ने बताई है। एहतियातन इससे सटे हुए हिस्सों में मुनादी करवाकर गश्त बढ़ा दी है। अतिरिक्त वनकर्मियों को इस क्षेत्र में गश्त करने के लिए लगाया है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू पिंजरे बुलवाए हैं।