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हमने किसी को आमंत्रित नहीं किया, जो आया जुड़ गया: मोदी

सारनी। संघर्ष समिति के सदस्य केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए। भाजपा के बयान के बाद समिति संयोजक...

Danik Bhaskar | May 05, 2018, 04:30 AM IST
सारनी। संघर्ष समिति के सदस्य केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए।

भाजपा के बयान के बाद समिति संयोजक ने दिया जवाब, बोले कथनी, करनी में अंतर

भास्कर संवाददाता | सारनी

नगर बचाओ, उद्योग बचाओ समिति के आंदोलन पर भाजपा की टिप्पणी के बाद नया बखेड़ा खड़ा हो गया। समिति सदस्यों ने भाजपा नेताओं के बयान को बरगलाने वाला और गैर जिम्मेदाराना बताया। हालांकि शुक्रवार को चौथे दिन भी समिति की हड़ताल जारी रही।

संयोजक कृष्णा मोदी, राकेश महाले ने कहा संघर्ष समिति बगैर किसी भेदभाव के सभी के सहयोग से काम कर रही है। किसी भी राजनैतिक दल को आमंत्रित नहीं किया है। हर दल व व्यक्ति स्वप्रेरित होकर इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। यह जनहित का मामला है सभी इस आंदोलन का सहयोग कर रहे हैं। राजनीतिक दल व सामाजिक संगठनों को भाजपा से अपना अस्तित्व बताने के लिए प्रमाण पत्र की आवश्यक नहीं है। अगर भाजपा के नेता इतने ही संवेदनशील होते तो कोल माइंस कि 3 खदान और सारनी में 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां लग चुकी होतीं। सत्ताधारी नेताओं की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। यह नेता जन हितैशी नहीं हो सकते, भाजपा नेताओं का वक्तव्य दुखद है। विरोधाभासी व जनता को बरगलाने वाला है। चौथे दिन कम्युनिस्ट पार्टी के वार्ड नंबर 29 के पार्षद कामरेड संतोष देशमुख, रंगलाल वाईकर, युगल मालवीय, पंकज मोदी, राजेंद्र सिंह ने भूख हड़ताल की। आंदोलन स्थल पर मो. इलियास, विनोद जगताप, अजय सोनी, विशाल फोफसे, भगवान जावरे, गंगाधर चढ़ोकार, एसके उपरित समेत अन्य उपस्थित थे। पांचवें दिन शनिवार को आचार्य एनआर मेहरा, अशोक पचौरिया, अनिल गुलबांके व साथी भूख हड़ताल पर बैठेंगे।