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एनएसयूआई का आरोप: केवल एबीवीपी के पत्र पर बिना सूचना कर ली बैठक

कॉलेज की स्थिति बेहद खराब है। जनभागीदारी समिति की बैठक कर कॉलेज की हालत सुधारने को लेकर निर्णय होने चाहिए थे।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 19, 2018, 04:35 AM IST

कॉलेज की स्थिति बेहद खराब है। जनभागीदारी समिति की बैठक कर कॉलेज की हालत सुधारने को लेकर निर्णय होने चाहिए थे। सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए, लेकिन यहां राजनीति चल रही है। कॉलेज में एनएसयूआई और एबीवीपी का खेमा आमने-सामने है। कॉलेज में एनएसयूआई का छात्रसंघ है तो एबीवीपी के पक्ष की बात यह है यहां के जनभागीदारी समिति अध्यक्ष भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं। कुल मिलाकर हर स्तर पर यहां राजनीति चल रही है। मंगलवार को हुई जनभागीदारी समिति की बैठक के बाद बुधवार को सोशल मीडिया पर इसे लेकर राजनीति चली।

शासकीय कॉलेज में छह महीने से ज्यादा समय हो गया था जनभागीदारी समिति की बैठक नहीं हुई। मंगलवार को आनन-फानन में जनभागीदारी समिति की बैठक हो गई। किसी को पता ही नहीं चला। शाम को अचानक कॉलेज प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी कर इसकी जानकारी दी। बुधवार को मामले ने सोशल मीडिया पर तूल पकड़ लिया। भाजपा और एनएसयूआई के नेताओं में तीखी बहस चली। जनभागीदारी समिति की बैठक में छात्रसंघ अध्यक्ष और छात्रसंघ पदाधिकारियों नहीं बुलाया गया। कॉलेज प्रबंधन ने एकतरफा बैठक करा ली। एनएसयूआई के बीयू प्रभारी नरेंद्र वाड़िवा ने बताया भाजपाई केवल राजनीति करने के लिए यहां आ रहे हैं। कॉलेज में काम नहीं हो रहे। जबकि एबीवीपी के छात्रनेता अंजनी सिंह ने बताया एनएसयूआई विकास नहीं चाह रही है।

खंडहर हो गई बिल्डिंग , पारित कर रहे सीसीटीवी लगाने के प्रस्ताव: नरेंद्र

कॉलेज की बिल्डिंग खंडहर हो गई है। जगह-जगह से प्लास्टर गिर रहा है। एनएसयूआई के बीयू प्रभारी नरेंद्र वाड़िवा ने कहा प्राथमिकता के तौर पर कॉलेज में भवन जीर्णोद्धार, पेयजल जैसी व्यवस्थाएं होनी चाहिए तो जनभागीदारी समिति एकतरफा निर्णय ले रही है। सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जबकि पुराने कैमरे तो बंद पड़े हैं। सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए। बैठक में छात्रसंघ अध्यक्ष सरोज बिंझाड़े और प्रतिनिधियों को भी बुलाना चाहिए। जो कॉलेज में पढ़ते नहीं वे नेता कैसे समस्याओं का समाधान करेंगे। भाजपा नेताओं के एक खेमे ने पूरी बैठक कर ली। दुभार्ग्य प्रबंधन ने भी साथ दिया।

सारनी। सोशल मीडिया पर जनभागीदारी समिति की बैठक होने के बाद इस तरह से द्वंद चल रहा है।

शिक्षा के मंदिर में राजनीति नहीं, केवल विकास

छात्र राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जनभागीदारी समिति राजनीति से ऊपर कार्य कर रही है। जरूरी कार्यों को मंजूरी दी है। किसी तरह का विवाद करने की बजाय समस्याएं सही मंच पर रखी जानी चाहिए। जरूरी समस्याओं का निराकरण होता है। जनभागीदारी का अपना दायरा है। इसी के भीतर कार्य किए जा रहे हैं। सुधा चंद्रा, अध्यक्ष, जनभागीदारी समिति शासकीय कॉलेज सारनी

बैठक में चर्चा के बाद ही जरूरी कार्यों की मंजूरी दी है, सुधार भी तो हो रहा है : अंजनी

छात्र नेता अंजनी सिंह ने कहा बैठक में चर्चा के बाद जो कार्य प्राथमिक थे उन्हें मंजूरी मिली। कॉलेज सुधार की बात है तो पीडब्ल्यूडी स्तर से इसका टेंडर जारी हो चुका है। बताया जा रहा है कि एनएसयूआई जबरन मुद्दा बनाकर कॉलेज के कार्यों में दखल दे रही है। बैठक जनभागीदारी समिति की थी, छात्रसंघ की नहीं। जो प्रोटोकॉल में शामिल थे सभी पदाधिकारी बैठक में शामिल थे। जिनकी जरूरत नहीं उन्हें नहीं बुलाया गया। एबीवीपी ने जायज मांगें सामने रखी थी। इसी पर जनभागीदारी समिति ने मुहर लगाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

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