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हाथ जोड़कर एसडीएम बोले आपकी जान हम सबके लिए कीमती है उठ जाइए हड़ताल से

शहर के अस्तित्व को बचाने के लिए 88 वर्ष के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आखिरकार बुधवार को बेमुद्दत भूख हड़ताल पर बैठ...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 17, 2018, 05:05 AM IST

हाथ जोड़कर एसडीएम बोले आपकी जान हम सबके लिए कीमती है उठ जाइए हड़ताल से
शहर के अस्तित्व को बचाने के लिए 88 वर्ष के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आखिरकार बुधवार को बेमुद्दत भूख हड़ताल पर बैठ गए। सारनी में नई कोयला खदानें खोलने, पावर प्लांट में नई इकाइयां लगाने और औद्योगिक क्षेत्र के विकास की मांग को लेकर उन्होंने जय स्तंभ चौक पर डेरा डाल दिया। इसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। दोपहर में शाहपुर एसडीएम श्रावण कुमार भंडारी यहां पहुंचे। हाथ जोड़कर उन्होंने कहा मोदी जी आप हम सबके लिए कीमती हैं। कृपया भूख हड़ताल तोड़ दें, सारा प्रशासन यही चाहता है। मगर, श्री मोदी अड़ गए। उन्होंने कहा सारे शहर का मैं पिता हूं। बच्चों की अच्छाई के लिए पिता को मरना ही पड़ता है। मेरी भूख हड़ताल तो मांगें पूरी होने के बाद ही खत्म होंगी। इसके बाद प्रशासन को बैरंग लौटना पड़ा।

उद्योग बचाओ, नगर बचाओ समिति के बैनर तले जय स्तंभ चौक पर 1 मई से क्रमिक भूख हड़ताल की जा रही है। प्रशासन की ओर से जब मांगें नहीं मानी गई तो संघर्ष समिति के संयोजक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कृष्णा मोदी स्वयं बेमुद्दत भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष आशा भारती, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भगवान जावरे, तिरुपति एरोलू समेत अन्य नेताओं ने पहुंचकर उन्हें समर्थन दिया। दोपहर 2 बजे प्रशासन की आेर से एसडीएम श्री भंडारी, एसडीओपी पंकज दीक्षित, तहसीलदार अजय पांडे और टीआई महेंद्र सिंह चौहान यहां पहुंचे। एसडीएम से चर्चा करने के बाद उन्होंने साफ तौर पर मना कर दिया। श्री मोदी ने कहा प्रशासन यूनिट, खदानों, औद्योगिक क्षेत्र और तहसील को लेकर हुए पत्राचार और कागजात दिखाएं। तब ही वे मानेंगे।

सारनी। धरना स्थल पर एसडीएम श्री भंडारी हाथ जोड़कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के सामने पहुंचे।

सीजीएम, सीई और अधिकारियों से मिले एसडीएम, नहीं दे पाए कोई आश्वासन

हड़ताल को खत्म करने एसडीएम श्रावण भंडारी ने संघर्ष समिति को कागजात देने की बात कही। इसके बाद वे डब्ल्यूसीएल सीजीएम उदय कावले, सीई सतपुड़ा प्लांट वीके कैलासिया और तमाम अधिकारियों से मिले। मगर, यहां यूनिटों और खदानों के संबंध में कोई कागजात नहीं थे। वापस धरना स्थल पर आकर उन्होंने इसकी जानकारी दी। खदानें नियमों की मंजूरी के लिए रुकी हुई हैं। इसके अलावा यूनिट का नक्शा तैयार होने की जानकारी उन्होंने दी। समिति ने इसे नाकाफी माना।

प्रशासनिक अधिकारियों ने दिन भर डाले रखा डेरा पर नहीं माने सेनानी

मोदी बोले यूनिट और खदानें खुलने की अफवाह फैलाने वालों को जेल भेजो

सत्तारूढ़ पार्टी ने प्रचारित किया 660 मेगावाट की दो इकाइयां आ रही हैं। खदानें खुलने वाली हैं और उद्योगों के लिए काम पूरा हो गया है। पार्टी के लोग यदि सही है तो इसके डाक्यूमेंट्स दिखाएं। यदि वे अफवाह फैला रहे हैं तो शासन को उनके खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए। यदि हम यहां धरना, प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर लोगों को बरगला रहे हैं तो शासन हमें गिरफ्तार करे, कार्रवाई करे। जो सही बातें हैं उसे सामने लाना चाहिए।

नई खदानें, नई इकाइयों और औद्योगिक क्षेत्र के विकास के कागजात की मांग की

हड़ताली बोले, पंद्रह दिनों तक क्योंसत्ता के दबाव में नहीं आया प्रशासन

हड़ताल पर बैठे राकेश महाले, एसके उपरीत, मो. इलियास, गंगाधर चढ़ोकार और पंचू खान समेत अन्य ने कहा क्रमिक भूख हड़ताल एक-दो घंटे की नहीं बल्कि 15 दिनों से चल रही है। प्रशासन को इतनी ही चिंता थी तो आज के दिन का इंतजार क्यों किया। पहले ही आकर समस्याओं का समाधान करवा देते। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ हड़ताल के दौरान कुछ भी होता है तो प्रशासन और सरकार पूरी तरह जवाबदारी होगी।

समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं

सारनी के पास औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 18 हेक्टेयर जमीर पर काम चल रहा है। प्रोजेक्ट बनकर तैयार है। यूनिटों और खदानों को लेकर कलेक्टर स्तर पर भारत सरकार को पहले ही पत्र भेजे जा चुके हैं। प्रशासन इसके लिए चिंतित है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कृष्णा मोदी का जीवन अमूल्य है। इसलिए उन्हें हड़ताल त्यागने के लिए कहा है। मगर, वे नहीं माने। कलेक्टर से चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। श्रावण कुमार भंडारी, एसडीएम, शाहपुर

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