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2 रैक आईं, 1 रास्ते में फिर भी स्टॉक 19 हजार टन ही

3 इकाइयों से उत्पादन 450 मेगावाट पर सिमटा, आज स्थिति में सुधार की उम्मीद भास्कर संवाददाता | सारनी कोयले की कमी से...

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 05:15 AM IST
3 इकाइयों से उत्पादन 450 मेगावाट पर सिमटा, आज स्थिति में सुधार की उम्मीद

भास्कर संवाददाता | सारनी

कोयले की कमी से जूझ रहे सतपुड़ा प्लांट के लिए शनिवार को कोयले की दो रैक संजीवनी बनकर आई। यदि रैक नहीं आती तो इकाइयां बंद करने की नौबत आ जाती। तीसरी रैक रास्ते में है। यह रैक पहुंच जाएगी तो काफी हद तक स्थिति में सुधार होगा। मगर, फिलहाल कोल स्टॉक 19 हजार टन ही है। इसके चलते इकाइयों को कम लोड पर चलाया जा रहा है। दो इकाइयां पहले से ही क्रिटिकल कोल पोजीशन के कारण बंद है।

सतपुड़ा प्लांट में कोयले की कमी के कारण शुक्रवार को 6 और 9 नंबर इकाइयों को बंद करना पड़ा था। जबकि 7 नंबर पहले से ही बंद थी। लेकिन शनिवार को कोयला पहुंचने से कुछ सुधार हुआ है। दो रैक से इकाइयां चलाने लायक स्थित बनी। एक रैक और आएगी तो इकाइयों का कुछ लोड बढ़ेगा। दरअसल, ना तो कोयला अधिकारी और ना ही रेलवे के अधिकारी रैक की पोजीशन बता पा रहे हैं। ऐसे में इकाइयां चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। प्लांट की 8, 10 और 11 नंबर इकाइयों से कुल मिलाकर 450 मेगावाट ही उत्पादन लिया जा रहा है।

रिजेक्ट कोल से भर गई मिल, परेशानी में गुजरी रात

पावर प्लांट की 250-250 मेगावाट क्षमता वाली 10 और 11 नंबर इकाइयों पर पूरा दारोमदार है। मगर, कोयले की कमी के कारण बचा हुआ कोयला यूनिटों में सप्लाई किया। रात को 10 और 11 नंबर इकाई की आगरा और कोलकाता मिल में जाम आ गया। इसे खाली करने में रात भर कर्मचारी जुटे रहे। सुबह-सुबह बांबे मिल भी चोक हो गया था।

आज सुधर सकती है स्थिति


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