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कॉलेज को कैमरे की नहीं, मरम्मत की जरूरत है, गुपचुप बैठक का भी लगा आरोप

कॉलेज में गुपचुप तरीके से हुई जनभागीदारी समिति की बैठक का लगातार विरोध हो रहा है। अब एबीवीपी से जुड़ी छात्र नेता...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 22, 2018, 05:45 AM IST

कॉलेज में गुपचुप तरीके से हुई जनभागीदारी समिति की बैठक का लगातार विरोध हो रहा है। अब एबीवीपी से जुड़ी छात्र नेता वर्षा पवार भी इसके लिए आगे आई है। एनएसयूआई से हाल ही में एबीवीपी में शामिल हुई वर्षा पवार ने जनभागीदारी समिति की बैठक में आमंत्रित नहीं करने का विरोध किया है। शनिवार को लिखित बयान जारी कर वर्षा ने बताया जनभागीदारी की बैठक में विद्यार्थियों की समस्याओं पर मंथन किया जाना चाहिए था। मगर यहां तो सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। कॉलेज को कैमरे से ज्यादा मरम्मत की जरूरत है। विद्यार्थियों को पता ही नहीं बैठक का एजेंडा क्या था और बैठक में तय क्या हुआ। हमेशा से ही नेताओं की गुपचुप बैठक वाली परंपरा यहां चली आ रही है। उन्होंने कहा वे किसी की विरोधी नहीं, लेकिन विद्यार्थियों की समस्याओं की ओर तो ध्यान देना ही चाहिए। जनभागीदारी अध्यक्ष ने कहा था विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर जो भी बैठक होगी, उसमें कॉलेज के विद्यार्थी विशेषकर सीनियर्स उपस्थित रहेंगे। मगर, ऐसा हो नहीं रहा है। कॉलेज में मनमाने तरीके से बैठक ली जा रही है। इससे पहले एनएसयूआई ने भी इस मुद्दे पर खुलकर विरोध दर्ज किया था।

छात्रसंघ अध्यक्ष बोले : नियमों में नहीं बाहरी

लोगों को बैठाना

जनभागीदारी समिति की बैठक में चयनित सदस्य ही बैठ सकते हैं। जनभागीदारी समिति अध्यक्ष सुधा चंद्रा ने बताया बैठक में चाहकर भी बाहरी व्यक्ति को नहीं बैठाया जा सकता। तय 16 सदस्यों की टीम ही बैठक में हिस्सा लेती है और निर्णय करती है। उन्होंने बताया एनएसयूआई छात्रसंघ और एबीवीपी संगठन की मिली- जुली मांगों को एजेंडे में शामिल कर बैठक की। सामूहिक निर्णय लिया है। सभी को अलग-अलग बुलाकर बातें नहीं की जा सकतीं।

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