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आवासों के सीवर से निकल रहे मच्छर नगर पालिका नहीं कर रही सफाई

शहर में मलेरिया को लेकर हाई रिस्क वार्डों में अचानक मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जब पार्षदों ने नगर पालिका में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 22, 2018, 05:45 AM IST

आवासों के सीवर से निकल रहे मच्छर नगर पालिका नहीं कर रही सफाई
शहर में मलेरिया को लेकर हाई रिस्क वार्डों में अचानक मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जब पार्षदों ने नगर पालिका में इसकी शिकायत की तो मामला खुलकर सामने आया। इसके बाद प्रशासन अलर्ट हुआ है। जब मामले की पड़ताल की तो पता चला झाड़ियाें और नालों से नहीं बल्कि सीवर के चैंबरों और खुले गटर से मच्छर आ रहे हैं। डब्ल्यूसीएल और पावर प्लांट प्रबंधन की आवासीय कॉलोनी में थोक में खुले चैंबर हैं। सफाई के लिए लाखों के ठेके होने के बाद भी काम नहीं हो रहा। अब नपा इस पर काम कर रही है।

तेज गर्मी होने के कारण मच्छरों की संख्या काफी कम हो गई थी। पिछले पखवाड़े में नपा ने मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव और फागिंग मशीन चलाई थी। इसके बाद इसकी जरूरत नहीं पड़ी। मगर, एक सप्ताह से मच्छरों की बढ़ती संख्या की शिकायतें नपा में दर्ज होने लगीं। खासकर उन वार्डों से जो मलेरिया को लेकर हाईरिस्क जोन में आते हैं। पाथाखेड़ा और शोभापुर कॉलोनी से इसकी शिकायतें ज्यादा हैं। पार्षद रश्मि बारंगे ने बताया नगर पालिका की सफाई के बाद भी मच्छराें की संख्या बढ़ रही है। इधर वार्ड 20 के पार्षद संदीप झपाटे ने बताया मच्छरों के बढ़ने की शिकायत उन्होंने भी नपा में की है। मगर, इस पर कोई काम नहीं हुआ है। डब्ल्यूसीएल का भी इस ओर ध्यान नहीं है। इस बीच ज्यादा शिकायतें आने पर नगर पालिका ने सर्वे कराया तो खुले सीवरों से मच्छर फैलने का कारण सामने आया। नपा ने सर्वे के बाद हाईरिस्क वार्डों की सूची तैयार कर यहां मच्छररोधी अभियान शुरू किया है। मगर, दोनों प्रबंधनों को भी अपनी सफाई व्यवस्था शुरू करनी होगी, तब बात बनेगी। नगर पालिका के सेनेटरी इंस्पेक्टर केके भावसार ने बताया नपा हाई रिस्क वार्ड 17, 18, 19, 20, 27, 28, 29, 30, 31, 32, 33, 34 में सतत सफाई अभियान चला रही है।

इधर नालों की सफाई का काम रुका, पोकलेन का टेंडर कैंसिल

नगर पालिका नालों की सफाई का अभियान चलाने की तैयारी में थी। पाथाखेड़ा, शोभापुर कॉलोनी, सारनी और बगडोना मिलाकर शहर में कुल मिलाकर 30 से अधिक नाले हैं। इन नालों की बारिश के पहले सफाई होना जरूरी है। हर साल नगर पालिका अप्रैल-मई महीने में सफाई शुरू करती है तब जून तक यह पूरी हो पाती है, लेकिन पोकलेन मशीन के टेंडर कैंसिल होने के कारण काम रुका हुआ है।

पाथाखेड़ा के हाईरिस्क वार्डों में मच्छरों की शिकायत मिलने के बाद नपा ने फागिंग मशीन चलवाई।

कब्जेधारियों ने नहीं बनाए सैप्टिक टैंक

पाथाखेड़ा के वार्डों में नालों में कई खुले टैंक हैं। सीवर की गंदगी सीधे नालों में बहाई जा रही है। नगर पालिका के अधिकारियों ने इसके लिए लोगों काे नोटिस जारी किए हैं। मगर, इन्हें बंद नहीं किया। अब परेशानी है इन्हीं से मच्छर पैदा हो रहे हैं। यही हाल डब्ल्यूसीएल आवासों के भी हैं। इनके सैप्टिक टैंक कई दिनों से साफ नहीं हुए हैं। ओवरफ्लो के कारण पानी नालों में आ रहा है। सर्वे के बाद डब्ल्यूसीएल को भी नपा ने इन्हें सुधारने पत्र लिखा है।

सुधार रहे हैं व्यवस्था

नगर पालिका ने डब्ल्यूसीएल और पावर जनरेटिंग कंपनी प्रबंधन को सफाई व्यवस्था ठीक करने के लिए कई बार पत्र लिखे हैं। सीवर और सैप्टिक टैंक खुला होना बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है। इसे लेकर उन्हें दोबारा पत्र लिखे हैं। नपा इन क्षेत्रों में केवल छिड़काव कर सकती है। आवास उनके हैं तो सुधार भी उन्हें ही करना होगा। पवन कुमार राय, सीएमओ नपा सारनी

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