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अति कुपोषित बच्चों के लिए सुपर मॉम बनीं शहर की जागरूक महिलाएं

सारनी। रीनू पचौरिया ग्रुप की सदस्यों के साथ सेवाभावी कार्य करतीं हुईं। अच्छी पहल सेनेटरी पैड पर 3 माह से कर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 23, 2018, 06:00 AM IST

सारनी। रीनू पचौरिया ग्रुप की सदस्यों के साथ सेवाभावी कार्य करतीं हुईं।

अच्छी पहल

सेनेटरी पैड पर 3 माह से कर रहे काम, गांव की बालिकाओं पर ध्यान

ग्रामीण क्षेत्र में बालिकाओं में जागरूकता की कमी के कारण मासिक धर्म के दौरान बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। संगठन की रीनू पचौरिया ने बताया उनका ग्रुप गांवों में जाकर बालिकाओं को सेनेटरी पैड के उपयोग की जानकारी दे रहा है। तीन महीनों से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गांव में सेनेटरी पैड की अनुपलब्धता बड़ा संकट है। गांवों में गर्भवती महिलाओं के लिए शिविर उन्हें पौष्टिक वस्तुएं और दवा देने की जिम्मेदारी भी महिलाओं की है।

जरूरतमंदों को मुफ्त शिक्षा के साथ मेडिटेशन का पाठ पढ़ाती हैं हेमलता

पाटाखेड़ा में रहने वाली निजी स्कूल की शिक्षिका हेमलता पांसे जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त में ट्यूशन पढ़ाती हैं। इतना ही नहीं उन्हें टेंशन से दूर रखने के लिए मेडिटेशन भी कराती हैं। जरूरत होने पर वे बड़े लोगों को भी योगा और मेडिटेशन मुफ्त में सिखाती हैं। गायत्री परिवार से जुड़े पति प्रशांत पांसे से सेवाभावी कार्य की प्रेरणा लेकर वे 5-6 सालों से ऐसा कर रही हैं। श्रीमती पांसे बताती हैं इससे उन्हें सुकून मिलता है। हालांकि स्कूल और घर के काम के बाद काफी कम समय बचता है, लेकिन जितना समय बचता है उसमें से वे एक घंटे रोज बच्चों के लिए निकालती हैं।

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