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नशामुक्त समाज के लिए रोज 40 किमी की साइकिल यात्रा, 60 परिवार हो चुके नशामुक्त

“हम बदलेंगे, युग बदलेगा’ यानी सुखद शुरुआत खुद से करना। ऐसा ही कुछ किया है सारनी के वामनराव ने। जीवन में पहले खुद को...

Danik Bhaskar | Apr 30, 2018, 06:20 AM IST
“हम बदलेंगे, युग बदलेगा’ यानी सुखद शुरुआत खुद से करना। ऐसा ही कुछ किया है सारनी के वामनराव ने। जीवन में पहले खुद को नशे से दूर किया और अब लोगों काे कर रहे हैं। अभियान में भले ही वे अकेले हैं, लेकिन 25 सालों में 60 परिवारों को नशामुक्त कर वे भारतीय संस्कृति से जोड़ चुके हैं। अभियान में वामनराव की साथी उनकी पीली साइकिल है। वे रोज 40 किमी का सफर साइकिल से कर नशामुक्ति अभियान चला रहे हैं।

नशे से लोगों के घरों को बर्बाद होता देख वामनराव मगरदे के मन में ऐसा कुछ करने की बात आई। वर्तमान में प्लांट असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। यहां से अच्छी खासी सैलरी मिलने के बाद भी उन्होंने 25 साल पुरानी अपनी साइकिल नहीं छोड़ी। रोज 30 से 40 किमी चलकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। गायत्री परिवार से जुड़े होने के कारण आध्यात्म में उनकी आस्था है, लेकिन वे नशामुक्ति, बालिका शिक्षा और स्वच्छता को मिशन मानकर चल रहे हैं। दूर-दराज के गांवों में जाना। छुट्टी के दिन भी वहीं रुकना और लोगों को बेहतर शिक्षा देना उनका अभियान बन गया है।

गायत्री परिवार भी बच्चों को देगा वेदों की शिक्षा

गायत्री परिवार ट्रस्ट में चालीस दिनी साधना में बच्चों ने मंत्रोच्चार कर पूजन कराया। 13 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं द्वारा की गई साधना का बेहतर लाभ भी मिलता है। इसे देखते हुए ट्रस्ट सारनी शहर के बच्चों को वेदों की शिक्षा देने इसी महीने निशुल्क कक्षाएं शुरू करेगी। यह परिवार की ओर से नई पहल है।

वामनराव अपनी साइकिल और पीए सिस्टम से लोगों को जागरूक करते हुए।