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करो कृपा मेरे ख्वाजा मोईनुद्दीन...रातभर चली कव्वाली

शहर की एबी टाइप डेम रोड पर स्थित हजरत बाबा सैय्यद सूफी र.अ. का 41वां सालाना उर्स शनिवार को धूमधाम से मना। मुरादाबाद...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 07, 2018, 07:00 AM IST

  • करो कृपा मेरे ख्वाजा मोईनुद्दीन...रातभर चली कव्वाली
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    शहर की एबी टाइप डेम रोड पर स्थित हजरत बाबा सैय्यद सूफी र.अ. का 41वां सालाना उर्स शनिवार को धूमधाम से मना। मुरादाबाद उत्तरप्रदेश से आए कव्वालों ने एक से बढ़कर एक कव्वाली और कलाम पेश किए। करो कृपा मेरे ख्वाजा मोइनुद्दीन... पर यहां श्रद्धालु खूब झूमे। उर्स मुबारक में प्रदेश भर के कई हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचे।

    हजरत बाबा सैय्यद सूफी र. अ. के उर्स मुबारक को लेकर 3 मई से यहां कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। दरगाह कमेटी और नगर प्रशासन तैयारियों में जुटा था। उर्स मुबारक की शुरुआत 3 मई को कुरान ख्वानी के साथ हुई। शुरुआत शाही संदल के साथ हुई। शनिवार को शाही संदल जनाब रफीक बाबा शोभापुर जैरी चौक होते हुए शाम 7 बजे निकाला। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल हुए।

    मजार शरीफ पर रात 9 बजे पहुंचने के बाद चादर पेश की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष आशा भारती, उपाध्यक्ष भीम बहादुर थापा, जिला भाजपा मंत्री रंजीत सिंह, व्यापारी संघ अध्यक्ष विनय मालवीय, पूर्व ब्लाॅक अध्यक्ष तिरुपति एरोलू, महेंद्र भारती, पूनम भारती, थाना प्रभारी महेंद्र सिंग चौहान, किशोर बरदे, मो. ताहिर अंसारी, अब्दुल रहमान, संदीप पासवान समेत अन्य लोग शामिल हुए।

    आयोजन

    हजरत बाबा सैय्यद सूफी र.अ. का 41वां सालाना उर्स शनिवार को धूमधाम से मना, दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु

    1सारनी। हजरत बाबा सैय्यद सूफी की मजार पर कव्वाली पेश करते कलाकार।

    2सारनी। हजरत बाबा सैय्यद सूफी की मजार पर कव्वाली सुनने के लिए हजारों लोग उपस्थित हुए।

    रात 10 से सुबह 6 बजे तक चला कव्वाली का मुकाबला

    इसके बाद मशहूर कव्वाल मुरादाबाद यूपी से सरफराज चिश्ती और मुरादाबाद के ही असलम-अकरम वारसी ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। रात 10 बजे कव्वाली का आगाज असलम अकरम वारसी ने ने किया। उन्होंने मेरे पीर की गुलामी मेरे काम आ गई, मेरे अंगना मोईनुद्दीन आयो जी, मां बाप गुलामी मेरे काम आ गई जैसी बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं। वहीं सरफराज चिश्ती कव्वाल ने दुनिया रसूले पाक की रुतबा रसूल का, करो कृपा मेरे ख्वाजा मोईनुद्दीन, उजाड़ दे दिल की दुनिया पेश की। कव्वाली का मुकाबला सुबह बजे तक चला।

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