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पावर प्लांट में कर्मचारियों की कमी, दूसरे विभागों से उधार लेकर चला रहे काम

सतपुड़ा पावर प्लांट में कर्मचारियों की कमी के कारण दूसरे विभागों के कर्मचारियों से प्लांट चलाया जा रहा है।...

Danik Bhaskar | May 06, 2018, 08:05 AM IST
सतपुड़ा पावर प्लांट में कर्मचारियों की कमी के कारण दूसरे विभागों के कर्मचारियों से प्लांट चलाया जा रहा है। मेंटेनेंस और टेक्निकल काम करने वाले कर्मचारियों से प्लांट का ऑपरेशन कराया जा रहा है। इसके अलावा हर महीने दबाव देकर 100 से 140 घंटे का ओवरटाइम कराया जा रहा और 25 घंटे का ही भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारी मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं। शनिवार को मप्र विद्युत उत्पादन कर्मचारी संघ बीएमएस ने इसे लेकर प्रदर्शन किया।

बीएमएस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश धोटे ने बताया प्रशासनिक लापरवाही और नकारात्मक कार्यप्रणाली के कारण सतपुड़ा प्लांट में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है।

नई भर्तियां तक नहीं हो रही हैं। जब प्लांट की उत्पादन क्षमता 1130 मेगावाट थी तो यहां 4500 कर्मचारी थे, लेकिन अब प्लांट की क्षमता 1330 मेगावाट है तो अधिकारी, कर्मचारियों की संख्या घटकर 1500 रह गई है। ऐसे में कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ है। कर्मचारियों को प्रताड़ित कर ओवर टाइम का कराया जा रहा है। उन्होंने बताया औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मप्र इंदौर के पत्र अनुसार 125 घंटे के ओवर टाइम संबंधित आदेश जारी किए गए थे, लेकिन कंपनी में केवल 25 घंटे ओवर टाइम दिया जा रहा है। मानसिक दबाव के कारण कर्मचारी बीपी, शुगर, हार्ट और डिप्रेशन जैसी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने चीफ इंजीनियर वीके कैलासिया को शनिवार शाम 5.30 बजे ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर कमल जैन, साहेबराव पंडाग्रे, विश्वनाथ ठाकरे, केएल साहू, प्रदीप भार्गव, एनके गूजर, मधुकर उघड़े, रमेश गावंडे, दिलीप राजपूत, प्रमोद बर्डे और राजकुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे।

सारनी। सतपुड़ा प्लांट के गेट नं. 1 के सामने प्रदर्शन करते बीएमएस के पदाधिकारी।