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दूसरी जाति की है बहू ताे कुलदेवी की पूजा करने से रोका

बेटे के ने दूसरी जाति की लड़की से शादी की। उनका एक बेटा भी है। शादी के बाद पति-प|ी संयुक्त परिवार में ही रह रहे हैं।...

Danik Bhaskar

Apr 02, 2018, 04:40 AM IST
बेटे के ने दूसरी जाति की लड़की से शादी की। उनका एक बेटा भी है। शादी के बाद पति-प|ी संयुक्त परिवार में ही रह रहे हैं। पिछले दिनों घर में कुलदेवी की पूजा के दौरान परिवार के लोगों ने बेटी को बहू को पूजा नहीं करने दी। उक्त मामला रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में आया। दोनों पक्ष के लोगों को एक-दूसरे को अपनाने की समझाइश देकर अगली बार बुलाया है।

परिवार परामर्श केंद्र में रविवार को 18 प्रकरण रखे गए। इसमें से 3 प्रकरणों पर समझौता हो गया। काउंसलिंग के दौरान सीहोर का ही एक मामला ऐसा आया, जिसमें बेटे ने एक साल पहले अपनी पसंद से अंतरजातीय शादी कर ली। इसके बाद दंपती अपने माता-पिता के साथ रहने लगे। कुछ दिनों तक तो ठीक चला। इसके बाद घर में छोटी-छोटी बातों को लेकर कहा सुनी होने लगी। सास का कहना है कि घर में एक साथ रहते हैं पर खाना अलग-अलग बनता है।

वहीं बहू बताती है कि उसे कुलदेवी की पूजा में शामिल नहीं किया गया। जबकि वह उनके परिवार की एक सदस्य बन गई है। उक्त मामले की काउंसलिंग के बाद आगे की तारीख दी गई।

पारिवारिक कलह

परिवार परामर्श केंद्र में 18 प्रकरणों में से तीन पर हुआ समझौता, विवादित मामलों में दी समझाइश

साथ में रह रहे दंपती के चार बच्चे, एक दूसरे की बात नहीं मानने पर होता था झगड़ा

सीहोर निवासी अनुराधा (परिवर्तित नाम) ने बताया कि उनकी शादी आष्टा निवासी राकेश (परिवर्तित नाम) के साथ 1998 में हुई थी। दोनों के चार बच्चें भी बड़े हो गए हैं। घर में पति-प|ी के बीच आए दिन छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा हो जाता है। प|ी ने बताया कि उसका पति उसकी बात नहीं मानते। जबकि पति का भी यही आरोप है। घर में कलह रोकने के लिए राधिका बाई ने परिवार परामर्श केंद्र में आवेदन दिया। रविवार को दोनों को समझौता हो गया। इसी तरह दो प्रकरणों में भी समझौता हुआ, जिन्हें फॉलोअप के लिए बुलाया गया है।

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