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राज्य महिला आयोग की सुनवाई में 42 में से 33 मामले सुने, 21 का हुआ निराकरण

राज्य महिला आयोग की संयुक्त बेंच सोमवार को मंडी स्थित रेस्ट हाउस में लगी। बेंच में जिले के कुल 42 मामले रखे गए थे।...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:40 AM IST
राज्य महिला आयोग की संयुक्त बेंच सोमवार को मंडी स्थित रेस्ट हाउस में लगी। बेंच में जिले के कुल 42 मामले रखे गए थे। दोपहर 12 बजे से शुरु हुई इस बैंच में शाम 6.30 बजे तक कुल 33 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें से 21 मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। कुछ मामलों में आयोग ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है।

आयोग की सदस्य सूर्या चौहान और गंगा उईके की संयुक्त बैंच ने घरेलू पारिवारिक हिंसा, ज्यादती के आरोप, विभागीय प्रकरण, दहेज प्रताड़ना, हत्या और कार्यस्थल पर प्रताड़ित करने संबंधी मामलों में दोनों पक्षों को सुना। बैंच ने 33 मामलों की सुनवाई करते हुए इनमें से 21 मामलों का आपसी समझौते से निराकरण कराया।

इस दौरान इछावर थाना क्षेत्र के रामगोपाल ने आयोग में शिकायत की है कि उसकी बेटी की ससुराल वालों ने हत्या कर दी गई है। इसी तरह नसरुल्लागंज क्षेत्र की एक युवती ने शिकायत की थी कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है, लेकिन इसका कोई सबूत उसके पास नहीं है। लेकिन गवाह जरूर है। इस पर बैंच ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

घरेलू हिंसा और पारिवारिक मारपीट मामलों में भी सुनवाई करते हुए उनमें सुलह कराई

राज्य महिला आयोग की संयुक्त बेंच ने मामलों की सुनवाई की।

थाना प्रभारी को मिली राहत : जिले के एक थाना प्रभारी बीडी सिंह पर महिला आरक्षक ने गलत इशारे और छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए प्रताड़ित करने की शिकायत आयोग में की थी। आयोग ने दोनों पक्षों को सुना। आयोग के सदस्यों से चर्चा करते हुए महिला आरक्षक ने थाना प्रभारी पर कोई कार्रवाई नहीं करने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया है। बताया जाता है कि थाना प्रभारी ने भी मामले में जांच अधिकारी को वीडियो प्रस्तुत किया था, जिसमें महिला आरक्षक थाने पर अभद्रता करती नजर आ रही थी।

ससुर के खिलाफ लिखाई थी रिपोर्ट, बोला मुझे कोई लेना देना नहीं

आयोग की बैंच में एक मामला ससुर के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट करने का भी आया था। सुठालिया की एक विवाहिता ने अपनी ससुर के खिलाफ शिकायत की थी। सोमवार को बेंच में आवेदिका को उपस्थित नहीं हुई, लेकिन उसका ससुर जरूर उपस्थित हुआ। ससुर ने आयोग को बताया कि उसकी बहू उसके बेटे के साथ अलग रहती है। मुझ़े उनसे कोई लेना-देना नहीं है।