--Advertisement--

शिक्षकों को पढ़ाने के लिए मिलेगा 16 जीबी डेटा

शिक्षा विभाग शिक्षकों को हाईटेक ट्रैक पर लाने की तैयारी कर चुका है। मामला ऑनलाइन लर्निंग मटेरियल देने का है। ...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 06:20 AM IST
शिक्षा विभाग शिक्षकों को हाईटेक ट्रैक पर लाने की तैयारी कर चुका है। मामला ऑनलाइन लर्निंग मटेरियल देने का है।

राज्य शिक्षा केंद्र ने योजना बनाई है, जिसके तहत प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को हाईटेक पद्धति से शिक्षकों को पढ़ाना आसान होगा। विभाग की कंप्यूटर आधारित पूर्व योजनाओं के सफल नहीं होने से प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं। राज्य शिक्षा केंद्र सारी सामग्री जिला स्तर पर सॉफ्ट कॉपी में देगा।

सामग्री जिला मुख्यालय पर आएगी। इसे विकासखंड स्तर पर भेजेंगे। विकासखंडों से बीआरसी के जरिए सामग्री शिक्षकों तक पहुंचेगी। शिक्षक एजुकेशन पोर्टल से भी सामग्री डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए शिक्षकों को 16 जीबी मेमोरी कार्ड दिए जाएंगे। शिक्षक यह कार्ड मोबाइल फोन में फीड करेंगे। इसमें विभाग ऑफ लाइन तरीके से शिक्षण सामग्री डाउनलोड कर देगा। क्लास में जरूरत पड़ने पर ही सामग्री के जरिए पढ़ाई कराई जा सकेगी।

शिक्षकों को इंटरनेट की जरूरत नहीं, ऑफलाइन कर सकते हैं इस्तेमाल : एचडी कार्ड से लेसन प्लान देखने के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी। शिक्षक ऑफलाइन ही इस्तेमाल कर सकेंगे पर शिक्षकों का कहना है कार्ड से लेसन प्लान देखने के लिए बड़ी स्क्रीन वाले मोबाइल की जरूरत होगी। साधारण फोन की स्क्रीन छोटी होने से इसमें प्लान देखना संभव नहीं होगा यानी कार्ड उन्हीं शिक्षक को देना चाहिए जिनके पास स्मार्टफोन हो।

नई पहल

हेड स्टार्ट केंद्र जैसी योजना फेल होने के बाद शिक्षा विभाग ने किया नया प्रयोग

हेडस्टार्ट क्लास की स्थिति भी हुई बदहाल

राज्य शिक्षा केंद्र ने 2006 में हेडस्टार्ट केंद्र शुरू किए थे। इनमें कंम्प्यूटर की मदद से पढ़ाई होती थी। हेड स्टार्ट योजना के तहत स्कूलों में एलईडी, लैपटॉप, बैटरी, यूपीएस तो मिले, लेकिन कंटेंट के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया। इससे उपकरण बेकार पड़े हैं। विभाग शिक्षकों को शिक्षण सामग्री के रूप में किताबें देता है। अधिकारियों का कहना है अक्सर शिक्षक शिकायत करते हैं कि उनके पास किताबें नहीं पहुंचने के कारण वे ठीक से पढ़ा नहीं सके।

ऑनलाइन सिस्टम का मिलेगा फायदा

बच्चों को पढ़ाए जाने वाले सारे पाठ कार्ड में डाउनलोड होंगे। शिक्षक इनकी मदद के बगैर किताब के ही पढ़ा सकेंगे। इससे उन्हें सुविधा होगी। एसपी त्रिपाठी, डीईओ, सीहोर