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27508 किसानों की सूची भेजी, जून तक पैसा नहीं आया तो बैंक कर्जदारों को घोषित कर देगा डिफाल्टर
सरकार की कर्जमाफी योजना के चक्कर में किसान परेशान हो रहे हैं। योजना में सभी किसानों के दो लाख तक के लोन माफ होना थे लेकिन अभी तक एक लाख तक के लोन भी माफ नहीं हो सके हैं। पहले फेस में 50 हजार तक के लोन माफ किए जा चुके हैं जबकि दूसरे चरण में 50 हजार से 1 लाख तक के लोन माफ होना थे। लंबे समय से इसकी सूची फाइनल नहीं हो पा रही है। अभी भी करीब 200 किसान ऐसे हैं जिनका सत्यापन किया जा रहा है। फिलहाल 27 हजार 508 किसानों की सूची शासन को भेजी जा चुकी है और इसके लिए 187 करोड़ की डिमांड भेजी गई है।
इसके बाद भी लोन कब माफ होगा, कुछ नहीं कहा जा सकता। इस मामले में बड़ी बात ये है कि अगर अगर सरकार ने इन किसानों के खाते में जून तक पैसे जमा नहीं किए तो बैंक इन सभी को डिफाल्टर कर देगा। मतलब आने वाली फसल के लिए किसान खाद-बीज सोसायटियों से उधार नहीं ले सकेंगे।
अगर किसानों के खाते में राशि नहीं पहुंची ताे किसानों को सोसायटी से खाद-बीज नहीं मिलेगा
पहले चरण में 82 हजार किसानों के हुए थे कर्ज माफ
पहले चरण में 50 हजार तक के लोन को माफ किया गया। इसमें 82 हजार के करीब किसान थे जिन्हें इस योजना का फायदा मिला था। इन किसानों के लोन माफ करने में भी काफी समय लग गया था। इसके बाद से 50 हजार से अधिक लोन वाले किसान इंतजार कर रहे हैं कि उनके लोन कब माफ होंगे लेकिन अभी तक भी उनका इंतजार खत्म नहीं हुआ है।
187 करोड़ की डिमांड
-एसएस राजपूत, उप संचालक कृषि
-मुकेश श्रीवास्तव, महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक
200 नामों का किया जा रहा सत्यापन
अभी कृषि विभाग 200 ऐसे किसानों का सत्यापन कर रहा है जो पहले वाले सूची में शामिल नहीं हैं। इन किसानों में कोई अपने पते पर नहीं मिल पा रहा है जबकि कुछ ऐसे किसान भी हैं जिनकी मौत हो चुकी है। इनमें जो भी पात्र पाए जाएंगे, उन किसानों के नाम भी दूसरी सूची में जोड़े जाएंगे।
187 करोड़ की भेजी डिमांड
दूसरे चरण में कर्ज माफी किए जाने के लिए शासन को 187 करोड़ रुपए की डिमांड भेजी गई है। हालांकि जो 27 हजार 508 किसान हैं उसके अनुसार 188 करोड़ 62 लाख की राशि के लोन माफ होना हैं। अभी जो और नाम शामिल होंगे तो उसके बाद जो अंतर होगा उसके हिसाब से फाइनल डिमांड और भेजी जाएगी।
प्रशासन ने शासन को जो दूसरे चरण की सूची भेजी है उसमें 27 हजार 508 किसानों के नाम शामिल हैं। ये वह किसान हैं जिनके ऊपर 50 हजार से 1 लाख तक के लोन की राशि बकाया है। इस सूची को स्वीकृति मिलने के बाद डिमांड की गई राशि का आवंटन आएगा और उसके बाद लोन माफ हो सकेंगे।
अब शासन से स्वीकृति का इंतजार है
किसानों का कहना- बैंक अभी नहीं दे रही कर्ज
कर्ज माफी के मामले में किसानों का कहना है कि हम तो परेशान हो चुके हैं। अभी तक भी लोन माफ नहीं होने से बैंक नया कर्ज नहीं देती है। उनका कहना है कि जब तक पुराना कर्ज जमा ना किया जाए तब तक नया कर्ज नहीं मिलता। ऐसे में हमें अब परेशान होना पड़ेगा। एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होगा। यदि इससे पहले कर्ज माफ नहीं हुआ तो डिफाल्टर होने के कारण नया लोन नहीं मिलेगा। दोराहा के किसान राशिद और महेश शर्मा का कहना है कि हम तो परेशान हो चुके हैं। अभी तक भी लोन माफ नहीं हुआ। आष्टा के रामप्रसाद और शिवरतन वर्मा का कहना है कि सरकार ने उस समय घोषणा तो कर दी लेकिन इसके बाद लोन माफी के लिए कुछ नहीं किया। जो प्रक्रिया चल भी रही है तो वह काफी धीमी है।