- Hindi News
- National
- Sehore News Mp News Adpo Presented Before Court Before Remand Is Completed Sent To Jail
रिमांड पूरी होने से पहले ही एडीपीओ को न्यायालय में किया पेश, जेल भेजा
एडीपीओ के फरार साथियों काे नहीं ढूंढ पाई पुलिस
हरदा, देवास, विदिशा व भाेपाल में बेरोजगारों काे सरकारी नाैकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ठगने वाले एडीपीओ शैलेंद्र सिसौदिया को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने रिमांड खत्म होने के तीन दिन पहले ही उसे न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
हरदा पुलिस ने तीन बार आरोपी एडीपीओ की रिमांड मांगी थी, लेकिन अब अचानक रिमांड खत्म होने के पहले ही उसे न्यायालय में पेश करना आम लोगों की समझ से बाहर है। इधर पुलिस ठग एडीपीओ के साथियों को भी अब तक नहीं तलाश पाई है।
ठग एडीपीओ को हरदा पुलिस ने तीन बार रिमांड पर लिया था। इसके बाद भी पुलिस उससे कुछ कबूल नहीं करा पाई है। उसके फरार साथ इंदौर निवासी मृत्यंजय दुबे और भोपाल निवासी विवेक त्रिपाठी भी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बता दें कि हरदा के चंदर सराफ की बाड़ी निवासी सुनीता और उसके पति आनंद को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एडीपीओ शैलेंद्र सिसोदिया ने साढ़े पांच लाख रुपए ठगे थे। इस मामले में सिविल लाइन पुलिस ने एडीपीओ सिसोदिया काे 2 मार्च को सीहोर कोर्ट से गिरफ्तार किया था। 3 मार्च को हरदा कोर्ट से दो दिन की रिमांड पर लिया था। इसके बाद 5 मार्च को फिर से आरोपी को कोर्ट ने दो दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंपा था। दोनों बार पुलिस आरोपी को भोपाल लेकर घूमती रही और उसके खाते भी सीज कर दिए गए। लेकिन उसके साथियों का पता नहीं लगा सकी। रिमांड खत्म होने के बाद 7 मार्च को फिर कोर्ट में आरोपी को पेश करते हुए पुलिस ने 12 मार्च तक रिमांड मांगा था। न्यायालय ने रिमांड स्वीकार करते हुए आरोपी शैलेंद्र को पुलिस को सौंपा था, लेकिन पुलिस ने दो दिन बाद 9 मार्च सोमवार को ही उसे कोर्ट में पेश कर दिया। जहां से न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से जांच पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि हरदा पुलिस का कहना है के आरोपी से पूछताछ कर ली गई है। फरार साथियों की तलाश जारी है।